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भदोही

10 करोड़ से अधिक की साइबर ठगी

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जुड़े दो बाल अपचारी हिरासत में

सरकारी योजनाओं और लोन के नाम पर खुलवाते थे खाते, 200 से अधिक बैंक खातों का इस्तेमाल; पहले ही गिरोह के तीन सदस्य जा चुके हैं जेल

भदोही। जनपद भदोही की साइबर क्राइम थाना पुलिस ने सरकारी योजनाओं और सस्ते लोन का झांसा देकर बड़े पैमाने पर साइबर ठगी करने वाले गिरोह के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए दो वांछित बाल अपचारियों को हिरासत में लिया है। पुलिस के अनुसार यह गिरोह भोले-भाले लोगों के बैंक खाते खुलवाकर उनके एटीएम कार्ड, पासबुक और मोबाइल सिम अपने कब्जे में ले लेता था तथा इन्हीं खातों का इस्तेमाल देशभर में साइबर ठगी की रकम के लेन-देन के लिए करता था।

पुलिस के मुताबिक गिरोह से जुड़े 200 से अधिक बैंक खातों का विवरण साझा किया गया था, जिनके विरुद्ध देशभर में 500 से अधिक NCRP शिकायतें दर्ज हैं। मामले में पूर्व में गिरोह के तीन अभ्यस्त अभियुक्तों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है।

लोन दिलाने के बहाने खुलवाए खाते

मामले का खुलासा तब हुआ जब ज्ञानपुर निवासी अमन कुमार बिंद ने साइबर थाने में शिकायत दर्ज कराई कि लोन दिलाने के नाम पर उसका और उसकी बहन का बैंक खाता खुलवाकर एटीएम कार्ड, पासबुक और बैंक से लिंक मोबाइल सिम ले लिया गया। वापस मांगने पर आरोपियों ने जान से मारने की धमकी दी। शिकायत के आधार पर साइबर थाना में बीएनएस एवं आईटी एक्ट की धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की गई।

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देशभर में फैला था साइबर नेटवर्क

जांच में सामने आया कि गिरोह के सदस्य व्हाट्सएप, टेलीग्राम और इंस्टाग्राम के माध्यम से एक-दूसरे से जुड़े थे। ये खाते राजस्थान, दिल्ली, झारखंड, लखनऊ समेत अन्य शहरों में सक्रिय साइबर अपराधियों तक पहुंचाए जाते थे। इसके बाद निवेश, ट्रेडिंग, शॉपिंग, क्रेडिट कार्ड और मालवेयर APK लिंक भेजकर लोगों से ठगी की जाती थी और रकम इन्हीं खातों में मंगाई जाती थी।

पेट्रोल पंप के जरिए निकालते थे ठगी का पैसा

पूछताछ में बाल अपचारियों ने खुलासा किया कि ठगी की रकम निकालने के लिए मोहनलालगंज स्थित शशि फिलिंग स्टेशन का इस्तेमाल किया जाता था। गिरोह का एक सदस्य वहां कार्यरत था, जिसकी मदद से POS मशीन के जरिए फर्जी ट्रांजेक्शन कर साइबर ठगी की रकम को नकदी में बदला जाता था। आरोपियों ने स्वीकार किया कि पिछले एक वर्ष में उन्होंने पेट्रोल पंप और एटीएम के माध्यम से लगभग 10 लाख रुपये निकालकर आपस में बांट लिए।

दो मोबाइल बरामद, जांच जारी

पुलिस ने दोनों बाल अपचारियों के कब्जे से साइबर अपराध में प्रयुक्त दो एंड्रॉयड मोबाइल फोन बरामद किए हैं। हिरासत में लेकर आवश्यक विधिक कार्रवाई की गई है।

एसपी के निर्देश पर कार्रवाई

पुलिस अधीक्षक अभिनव त्यागी के निर्देशन तथा अपर पुलिस अधीक्षक शुभम अग्रवाल के पर्यवेक्षण में साइबर क्राइम थाना प्रभारी निरीक्षक संतोष कुमार श्रीवास्तव एवं उनकी टीम ने यह कार्रवाई की। पुलिस अब गिरोह के अन्य सदस्यों और पूरे नेटवर्क की तलाश में जुटी है।

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