मिर्ज़ापुर
अपर निदेशक के आदेश के बाद भी झोलाछाप पर कार्रवाई नहीं
स्वास्थ्य विभाग पर उठे सवाल
मंडलायुक्त से शिकायत के बाद जांच में बिना डिग्री प्रैक्टिस की पुष्टि, फिर भी नहीं हुई कार्रवाई
मिर्जापुर। जिले में झोलाछाप चिकित्सकों के खिलाफ कार्रवाई को लेकर स्वास्थ्य विभाग एक बार फिर सवालों के घेरे में है। आरोप है कि अपर निदेशक के निर्देश और जांच में अनियमितता की पुष्टि होने के बावजूद संबंधित झोलाछाप चिकित्सक के खिलाफ अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई।
जानकारी के अनुसार, ग्राम बबुरा कला निवासी दिनेश सिंह ने मंडलायुक्त से शिकायत करते हुए आरोप लगाया था कि एक झोलाछाप चिकित्सक से उपचार कराने के बाद उनकी बेटी की तबीयत गंभीर हो गई। शिकायत के आधार पर 24 जून 2026 को मंडलायुक्त कार्यालय ने मामले की जांच के लिए अपर निदेशक को पत्र भेजा।
इसके बाद 29 जून 2026 को संयुक्त निदेशक ने शिकायतकर्ता द्वारा बताए गए रतेह चौराहा स्थित ‘चिरंजीवी मेडिकल’ की जांच की। जांच में संबंधित व्यक्ति के बिना मान्यता प्राप्त डिग्री और पंजीकरण के चिकित्सकीय प्रैक्टिस करने के तथ्य सामने आने का दावा किया गया।
बताया गया कि जांच के बाद 1 जुलाई 2026 को पत्रांक संख्या-404 के माध्यम से मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) को आवश्यक कार्रवाई के लिए पत्र भेजा गया। आरोप है कि इसके बावजूद न तो अपर निदेशक को कार्रवाई की रिपोर्ट भेजी गई और न ही संबंधित क्लीनिक के विरुद्ध कोई प्रभावी कार्रवाई कर उसे बंद कराया गया।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि स्वास्थ्य विभाग समय-समय पर झोलाछाप चिकित्सकों के खिलाफ अभियान चलाने का दावा करता है, लेकिन धरातल पर ऐसे कई क्लीनिक लगातार संचालित हो रहे हैं। इससे विभागीय कार्रवाई की पारदर्शिता और प्रभावशीलता पर भी सवाल उठ रहे हैं।
हालांकि, इस मामले में स्वास्थ्य विभाग की ओर से अब तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
