बलिया
सरयू की कटान से गोपाल नगर टाड़ी में तबाही, छह आशियाने नदी में समाए
ग्रामीणों ने प्रशासन और बाढ़ विभाग पर लापरवाही का लगाया आरोप, कई मकान अब भी खतरे की जद में
प्राथमिक विद्यालय पर भी मंडरा रहा खतरा, नायब तहसीलदार ने दोबारा जांच का दिया आश्वासन
बैरिया (बलिया)। सरयू नदी के बढ़ते जलस्तर और तेज कटान ने गोपाल नगर टाड़ी में भयावह स्थिति पैदा कर दी है। रविवार रात कटान की चपेट में आने से स्वामीनाथ यादव, किशोरिया देवी, अनिल, श्रीनिवास और वीरेंद्र यादव समेत छह परिवारों के आशियाने नदी में समा गए। वहीं 10 से अधिक मकान अभी भी कटान के मुहाने पर हैं, जिससे ग्रामीणों में दहशत का माहौल है।
कटान से प्रभावित परिवार अपना सामान ट्रैक्टरों पर लादकर सुरक्षित स्थानों की ओर पलायन करने को मजबूर हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि कई बार सूचना देने के बावजूद न तो राजस्व विभाग के अधिकारी और न ही लेखपाल मौके पर पहुंचे। उनका कहना है कि बाढ़ विभाग द्वारा बोरी में मिट्टी भरकर कराया जा रहा कटान रोधी कार्य पर्याप्त नहीं है।
घटना से नाराज ग्रामीणों ने सोमवार को तहसील प्रशासन, स्थानीय सांसद और विधायक के खिलाफ नारेबाजी कर तत्काल प्रभावी राहत एवं बचाव कार्य शुरू करने की मांग की।
प्राथमिक विद्यालय भी खतरे की जद में
कटान स्थल से करीब 10 मीटर की दूरी पर स्थित प्राथमिक विद्यालय भी खतरे की जद में आ गया है। इसके बावजूद सोमवार को विद्यालय में बच्चों की पढ़ाई जारी रही, जिससे किसी बड़े हादसे की आशंका बनी हुई है। ग्रामीणों ने विद्यालय को सुरक्षित स्थान पर स्थानांतरित करने की मांग भी उठाई है।
ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि पिछले वर्ष कटान से विस्थापित हुए 18 परिवारों को अब तक गृह अनुदान या अन्य सरकारी सहायता नहीं मिल सकी है, जिससे लोगों में प्रशासन के प्रति नाराजगी बढ़ती जा रही है।
प्रशासन ने जांच का दिया भरोसा
नायब तहसीलदार अनिल यादव ने बताया कि लेखपाल की प्रारंभिक रिपोर्ट में केवल एक गैर-आवासीय भवन के नदी में विलीन होने की जानकारी दी गई है। हालांकि ग्रामीणों की शिकायतों और आक्रोश को देखते हुए पूरे मामले की दोबारा जांच कराई जा रही है तथा रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
