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यूपी बनेगा शिक्षा का नया केंद्र
कानपुर, फतेहपुर और गाजियाबाद में स्थापित होंगे नए विश्वविद्यालय
उच्च शिक्षा, शोध और रोजगारपरक पाठ्यक्रमों को मिलेगा बढ़ावा
लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में सोमवार को हुई उत्तर प्रदेश कैबिनेट की बैठक में उच्च शिक्षा विभाग के तीन महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। कैबिनेट ने कानपुर, फतेहपुर और गाजियाबाद में तीन नए निजी विश्वविद्यालयों की स्थापना को स्वीकृति प्रदान की है।
उच्च शिक्षा का विस्तार सरकार की प्राथमिकता
लोक भवन मीडिया सेंटर में आयोजित प्रेसवार्ता में उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय ने बताया कि उत्तर प्रदेश निजी विश्वविद्यालय अधिनियम-2019 के तहत मूल्यांकन के बाद तीन संस्थाओं को आशय पत्र (एलओपी) और संचालन प्राधिकार-पत्र जारी करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई है। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य प्रदेश के अंतिम व्यक्ति तक गुणवत्तापूर्ण उच्च शिक्षा पहुंचाना है।
कानपुर में बनेगा कृषि विश्वविद्यालय
कानपुर नगर की बिल्हौर तहसील के ग्राम गदनपुर आहार में स्वामी ब्रह्मानन्द सरस्वती चैरिटेबल ट्रस्ट, दिल्ली द्वारा 51.739 एकड़ भूमि पर कृषि आधारित निजी विश्वविद्यालय की स्थापना की जाएगी। यह विश्वविद्यालय कृषि शिक्षा, अनुसंधान और नवाचार को नई दिशा देगा।
गाजियाबाद में नया निजी विश्वविद्यालय
गाजियाबाद विकास प्राधिकरण क्षेत्र के ग्राम डासना में इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट एंड इंजीनियरिंग सोसाइटी द्वारा 26.2656 एकड़ भूमि पर नया विश्वविद्यालय स्थापित किया जाएगा। संस्था पहले से मेडिकल और इंजीनियरिंग कॉलेज संचालित कर रही है।
फतेहपुर में भी खुलेगा विश्वविद्यालय
फतेहपुर तहसील के दक्षिणी क्षेत्र में एंग्लो संस्कृत कॉलेज द्वारा 20.45 एकड़ भूमि पर निजी विश्वविद्यालय की स्थापना की जाएगी। इससे जिले और आसपास के विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा के नए अवसर उपलब्ध होंगे।
2017 के बाद तेजी से बढ़ा उच्च शिक्षा का दायरा
उच्च शिक्षा मंत्री ने बताया कि वर्ष 2017 तक उत्तर प्रदेश में 14 सरकारी और 27 निजी विश्वविद्यालय थे। वर्तमान सरकार के कार्यकाल में 8 नए सरकारी विश्वविद्यालय स्थापित हुए हैं और इन तीन नए विश्वविद्यालयों के शुरू होने के बाद प्रदेश में निजी विश्वविद्यालयों की संख्या बढ़कर 56 हो जाएगी।
युवाओं को मिलेगा लाभ
सरकार का मानना है कि इन विश्वविद्यालयों की स्थापना से प्रदेश के विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण उच्च शिक्षा, शोध की बेहतर सुविधाएं और रोजगारपरक पाठ्यक्रम अपने ही राज्य में उपलब्ध होंगे, जिससे उच्च शिक्षा के क्षेत्र में उत्तर प्रदेश को नई पहचान मिलेगी।
