वाराणसी
मीट, मछली व मुर्गा दुकानों को शहर से बाहर करने के प्रस्ताव के विरोध में प्रदर्शन
नगर आयुक्त को सौंपा ज्ञापन, विभिन्न राजनीतिक दलों व व्यापारियों ने निर्णय वापस लेने की मांग की
वाराणसी। शहर में संचालित मीट, मछली एवं मुर्गा की दुकानों को नगर सीमा से बाहर स्थानांतरित किए जाने के प्रस्ताव के विरोध में मंगलवार को बड़ी संख्या में मांस एवं मछली व्यवसायियों ने नगर निगम कार्यालय पर प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के बाद नगर आयुक्त को ज्ञापन सौंपकर प्रस्तावित निर्णय वापस लेने की मांग की गई।
सिगरा से नगर निगम तक निकाला पैदल मार्च
प्रदर्शन में शामिल सैकड़ों महिला-पुरुष व्यवसायियों ने सिगरा क्षेत्र से पैदल मार्च निकालकर नगर निगम कार्यालय तक पहुंचकर अपनी मांगों के समर्थन में प्रदर्शन किया। कार्यक्रम में समाजवादी पार्टी, कांग्रेस, आम आदमी पार्टी, भाकपा (माले), अपना दल (कमेरावादी) समेत विभिन्न सामाजिक एवं राजनीतिक संगठनों के प्रतिनिधि भी शामिल हुए।
“निर्णय से हजारों परिवारों की आजीविका प्रभावित होगी”
प्रदर्शन के दौरान चौकाघाट मछली मंडी के दिनेश चौहान ने कहा कि नगर निगम का प्रस्ताव हजारों छोटे दुकानदारों और उनके परिवारों की आजीविका पर सीधा प्रभाव डालेगा।
वहीं, प्रदर्शनकारियों का कहना था कि यदि मछली और मांस की दुकानें शहर से बाहर स्थानांतरित की जाती हैं तो उपभोक्ताओं को भी आवश्यक वस्तुएं खरीदने के लिए लंबी दूरी तय करनी पड़ेगी।
छोटे कारोबारियों के हितों की उठाई आवाज
शिवपुर मंडी के अवधेश पटेल ने आरोप लगाया कि स्वच्छता के नाम पर छोटे कारोबारियों पर कार्रवाई की जा रही है, जबकि बड़े होटल, मॉल और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों पर समान नियम लागू नहीं किए जा रहे।
लहरतारा मीट मंडी के सुमित सोनकर ने कहा कि इस प्रकार की नीति छोटे व्यापारियों को कमजोर कर सकती है।
राजनीतिक दलों ने भी रखा पक्ष
कांग्रेस महानगर अध्यक्ष राघवेंद्र चौबे ने कहा कि वाराणसी विविध संस्कृतियों और खान-पान की परंपराओं वाला शहर है तथा रोजगार और भोजन से जुड़े अधिकारों का सम्मान किया जाना चाहिए।
समाजवादी पार्टी के पार्षद हारून ने मांग की कि नगर निगम निर्णय वापस लेते हुए मांस एवं मछली विक्रेताओं का सर्वे कर उन्हें लाइसेंस, स्वच्छ दुकानें, बिजली, पानी, कोल्ड स्टोरेज और वैज्ञानिक कचरा प्रबंधन जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराए।
आम आदमी पार्टी के जिलाध्यक्ष कैलाश पटेल ने सड़क किनारे कारोबार करने वाले विक्रेताओं को स्ट्रीट वेंडर्स (जीविका संरक्षण एवं पथ विक्रय विनियमन) अधिनियम, 2014 के तहत पंजीकृत कर वेंडिंग जोन में स्थान देने की मांग की।
ज्ञापन में रखी गईं प्रमुख मांगें
प्रदर्शनकारियों ने ज्ञापन के माध्यम से नगर निगम से मांग की कि—
- दुकानों को शहर से बाहर स्थानांतरित करने का प्रस्ताव वापस लिया जाए।
- वर्तमान दुकानों का सर्वे कर उन्हें नियमित किया जाए।
- लाइसेंस एवं अन्य आवश्यक प्रमाणपत्र उपलब्ध कराए जाएं।
- स्वच्छता मानकों के अनुरूप बिजली, पानी, कोल्ड स्टोरेज और कचरा प्रबंधन जैसी सुविधाएं विकसित की जाएं।
- स्ट्रीट वेंडर्स कानून के तहत पात्र व्यवसायियों को संरक्षण दिया जाए।
- शहर के भीतर संचालित मांस एवं मछली मंडियों का विकास किया जाए।
- आजीविका, व्यापार और भोजन से जुड़े संवैधानिक अधिकारों की रक्षा सुनिश्चित की जाए।
नारों के साथ जताया विरोध
प्रदर्शन के दौरान व्यवसायियों और विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधियों ने रोजगार और व्यापार से जुड़े मुद्दों को लेकर नारे लगाए तथा तख्तियों के माध्यम से अपनी मांगें रखीं।
कार्यक्रम का संचालन नंदलाल मास्टर और संजीव सिंह ने किया। प्रदर्शन में विभिन्न राजनीतिक दलों, सामाजिक संगठनों, छात्र संगठनों तथा शहर के मीट और मछली व्यवसाय से जुड़े बड़ी संख्या में लोग उपस्थित रहे।
