गाजीपुर
जुलाई से शुरू होगा स्कूली वाहनों की फिटनेस व सुरक्षा जांच अभियान
परिवहन विभाग और पुलिस मिलकर परखेंगे सुरक्षा मानक, बच्चों की सुरक्षित यात्रा पर रहेगा विशेष फोकस
बिना फिटनेस, परमिट और क्षमता से अधिक बच्चों को ढोने वाले वाहनों पर होगी सख्त कार्रवाई
गाजीपुर। नए शैक्षणिक सत्र के साथ ही जुलाई माह से परिवहन विभाग और पुलिस प्रशासन संयुक्त रूप से स्कूली वाहनों की फिटनेस एवं सुरक्षा मानकों की जांच के लिए विशेष अभियान चलाएंगे। अभियान का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि स्कूल जाने वाले बच्चों के लिए उपयोग किए जा रहे वाहन पूरी तरह सुरक्षित और निर्धारित मानकों के अनुरूप हों।
अभियान के दौरान स्कूल बसों, वैन और ऑटो की जांच सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देशों तथा मोटर वाहन अधिनियम के तहत निर्धारित सुरक्षा मानकों के आधार पर की जाएगी। अधिकारियों द्वारा वाहनों के ब्रेक, टायर, वैध फिटनेस प्रमाणपत्र, प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र (पीयूसी), बीमा, परमिट और अन्य आवश्यक दस्तावेजों की जांच की जाएगी।
साथ ही वाहनों में स्पीड गवर्नर, आपातकालीन निकास द्वार, अग्निशामक यंत्र, प्राथमिक उपचार किट, जीपीएस ट्रैकिंग सिस्टम तथा सीसीटीवी कैमरों जैसी सुरक्षा सुविधाओं का भी निरीक्षण किया जाएगा। स्कूल बस चालक के पास भारी वाहन चलाने का पर्याप्त अनुभव, पुलिस सत्यापन तथा निर्धारित वर्दी और नेम प्लेट होना भी अनिवार्य रहेगा।
जांच के दौरान यह भी देखा जाएगा कि वाहन के आगे और पीछे स्पष्ट रूप से “स्कूल बस” या “ऑन स्कूल ड्यूटी” लिखा हो तथा स्कूल का नाम और संपर्क नंबर अंकित हो।
परिवहन विभाग के अनुसार, बिना फिटनेस, बिना वैध परमिट या क्षमता से अधिक बच्चों को बैठाकर संचालित किए जाने वाले वाहनों के खिलाफ चालान, सीज करने सहित सख्त कार्रवाई की जाएगी। इससे सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने और स्कूली बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी।
अधिकारियों ने अभिभावकों से भी अपील की है कि वे अपने बच्चों को केवल अधिकृत और सुरक्षित वाहनों से ही स्कूल भेजें। यदि किसी वाहन में सुरक्षा संबंधी कोई कमी दिखाई दे तो इसकी जानकारी तत्काल स्कूल प्रबंधन या संबंधित विभाग को दें। बच्चों की सुरक्षित यात्रा सुनिश्चित करना प्रशासन, स्कूल प्रबंधन और अभिभावकों की साझा जिम्मेदारी है।
