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आजमगढ़

शैदा साहित्य मंडल की पहली महिला अध्यक्ष बनीं प्रो. गीता सिंह

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आजमगढ़: शैदा साहित्य मंडल की पहली महिला अध्यक्ष बनीं प्रो. गीता सिंह

आजमगढ़। शैदा साहित्य मंडल, आजमगढ़ की नई अध्यक्ष के रूप में प्रो. गीता सिंह ‘शिक्षक श्री’ की नियुक्ति की गई है। यह संस्था के इतिहास में पहली बार है जब किसी महिला को अध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी गई है। नियुक्ति पत्र संस्था के संस्थापक एवं संरक्षक कन्हैया लाल अस्थाना ‘प्रहरी’, वरिष्ठ साहित्यकार डॉ. भक्तवत्सल श्रीवास्तव तथा नव नियुक्त संरक्षक प्रो. अखिलेश चन्द्र ने संयुक्त रूप से जारी किया।

मड़या स्थित प्रो. अखिलेश चन्द्र के आवास पर आयोजित दायित्व ग्रहण समारोह की शुरुआत मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण, दीप प्रज्ज्वलन और सरस्वती वंदना के साथ हुई। कार्यक्रम की अध्यक्षता डॉ. भक्तवत्सल श्रीवास्तव ने की।

नवनियुक्त अध्यक्ष प्रो. गीता सिंह ने कहा कि शैदा साहित्य मंडल जनपद की प्रतिष्ठित साहित्यिक संस्था है और वह इसकी गौरवशाली परंपरा को आगे बढ़ाते हुए साहित्य की विभिन्न विधाओं पर नियमित कार्यक्रम आयोजित करेंगी। उन्होंने संस्था के सभी पदाधिकारियों और सदस्यों का आभार व्यक्त किया।

वक्ताओं ने बताया कि प्रो. गीता सिंह हिंदी साहित्य की प्रतिष्ठित विदुषी हैं। उनकी 23 पुस्तकें प्रकाशित हो चुकी हैं तथा उनके संपादन में अंतरराष्ट्रीय शोध पत्रिका ‘अखिल गीत शोध दृष्टि’ के 26 अंक प्रकाशित हो चुके हैं। उन्हें उत्तर प्रदेश हिंदी संस्थान सहित कई प्रतिष्ठित संस्थाओं द्वारा सम्मानित किया जा चुका है। उच्च शिक्षा एवं साहित्य के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए उन्हें ‘शिक्षक श्री सम्मान’ भी प्राप्त हो चुका है।

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कार्यक्रम में संस्था के सचिव राजेश अस्थाना ‘अनंत’, अम्बरीश श्रीवास्तव, संजय श्रीवास्तव, वसीम अकरम, आरजे आदिल, डॉ. निधि सिंह, निष्ठा सिंह समेत बड़ी संख्या में साहित्यकार, शिक्षाविद एवं गणमान्य लोग उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन राजेश अस्थाना ‘अनंत’ तथा संयोजन अम्बरीश श्रीवास्तव ने किया।आजमगढ़: शैदा साहित्य मंडल की पहली महिला अध्यक्ष बनीं प्रो. गीता सिंह

आजमगढ़। शैदा साहित्य मंडल, आजमगढ़ की नई अध्यक्ष के रूप में प्रो. गीता सिंह ‘शिक्षक श्री’ की नियुक्ति की गई है। यह संस्था के इतिहास में पहली बार है जब किसी महिला को अध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी गई है। नियुक्ति पत्र संस्था के संस्थापक एवं संरक्षक कन्हैया लाल अस्थाना ‘प्रहरी’, वरिष्ठ साहित्यकार डॉ. भक्तवत्सल श्रीवास्तव तथा नव नियुक्त संरक्षक प्रो. अखिलेश चन्द्र ने संयुक्त रूप से जारी किया।

मड़या स्थित प्रो. अखिलेश चन्द्र के आवास पर आयोजित दायित्व ग्रहण समारोह की शुरुआत मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण, दीप प्रज्ज्वलन और सरस्वती वंदना के साथ हुई। कार्यक्रम की अध्यक्षता डॉ. भक्तवत्सल श्रीवास्तव ने की।

नवनियुक्त अध्यक्ष प्रो. गीता सिंह ने कहा कि शैदा साहित्य मंडल जनपद की प्रतिष्ठित साहित्यिक संस्था है और वह इसकी गौरवशाली परंपरा को आगे बढ़ाते हुए साहित्य की विभिन्न विधाओं पर नियमित कार्यक्रम आयोजित करेंगी। उन्होंने संस्था के सभी पदाधिकारियों और सदस्यों का आभार व्यक्त किया।

वक्ताओं ने बताया कि प्रो. गीता सिंह हिंदी साहित्य की प्रतिष्ठित विदुषी हैं। उनकी 23 पुस्तकें प्रकाशित हो चुकी हैं तथा उनके संपादन में अंतरराष्ट्रीय शोध पत्रिका ‘अखिल गीत शोध दृष्टि’ के 26 अंक प्रकाशित हो चुके हैं। उन्हें उत्तर प्रदेश हिंदी संस्थान सहित कई प्रतिष्ठित संस्थाओं द्वारा सम्मानित किया जा चुका है। उच्च शिक्षा एवं साहित्य के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए उन्हें ‘शिक्षक श्री सम्मान’ भी प्राप्त हो चुका है।

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आजमगढ़। शैदा साहित्य मंडल, आजमगढ़ की नई अध्यक्ष के रूप में प्रो. गीता सिंह ‘शिक्षक श्री’ की नियुक्ति की गई है। यह संस्था के इतिहास में पहली बार है जब किसी महिला को अध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी गई है। नियुक्ति पत्र संस्था के संस्थापक एवं संरक्षक कन्हैया लाल अस्थाना ‘प्रहरी’, वरिष्ठ साहित्यकार डॉ. भक्तवत्सल श्रीवास्तव तथा नव नियुक्त संरक्षक प्रो. अखिलेश चन्द्र ने संयुक्त रूप से जारी किया।

मड़या स्थित प्रो. अखिलेश चन्द्र के आवास पर आयोजित दायित्व ग्रहण समारोह की शुरुआत मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण, दीप प्रज्ज्वलन और सरस्वती वंदना के साथ हुई। कार्यक्रम की अध्यक्षता डॉ. भक्तवत्सल श्रीवास्तव ने की।

नवनियुक्त अध्यक्ष प्रो. गीता सिंह ने कहा कि शैदा साहित्य मंडल जनपद की प्रतिष्ठित साहित्यिक संस्था है और वह इसकी गौरवशाली परंपरा को आगे बढ़ाते हुए साहित्य की विभिन्न विधाओं पर नियमित कार्यक्रम आयोजित करेंगी। उन्होंने संस्था के सभी पदाधिकारियों और सदस्यों का आभार व्यक्त किया।

वक्ताओं ने बताया कि प्रो. गीता सिंह हिंदी साहित्य की प्रतिष्ठित विदुषी हैं। उनकी 23 पुस्तकें प्रकाशित हो चुकी हैं तथा उनके संपादन में अंतरराष्ट्रीय शोध पत्रिका ‘अखिल गीत शोध दृष्टि’ के 26 अंक प्रकाशित हो चुके हैं। उन्हें उत्तर प्रदेश हिंदी संस्थान सहित कई प्रतिष्ठित संस्थाओं द्वारा सम्मानित किया जा चुका है। उच्च शिक्षा एवं साहित्य के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए उन्हें ‘शिक्षक श्री सम्मान’ भी प्राप्त हो चुका है।

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आजमगढ़। शैदा साहित्य मंडल, आजमगढ़ की नई अध्यक्ष के रूप में प्रो. गीता सिंह ‘शिक्षक श्री’ की नियुक्ति की गई है। यह संस्था के इतिहास में पहली बार है जब किसी महिला को अध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी गई है। नियुक्ति पत्र संस्था के संस्थापक एवं संरक्षक कन्हैया लाल अस्थाना ‘प्रहरी’, वरिष्ठ साहित्यकार डॉ. भक्तवत्सल श्रीवास्तव तथा नव नियुक्त संरक्षक प्रो. अखिलेश चन्द्र ने संयुक्त रूप से जारी किया।

मड़या स्थित प्रो. अखिलेश चन्द्र के आवास पर आयोजित दायित्व ग्रहण समारोह की शुरुआत मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण, दीप प्रज्ज्वलन और सरस्वती वंदना के साथ हुई। कार्यक्रम की अध्यक्षता डॉ. भक्तवत्सल श्रीवास्तव ने की।

नवनियुक्त अध्यक्ष प्रो. गीता सिंह ने कहा कि शैदा साहित्य मंडल जनपद की प्रतिष्ठित साहित्यिक संस्था है और वह इसकी गौरवशाली परंपरा को आगे बढ़ाते हुए साहित्य की विभिन्न विधाओं पर नियमित कार्यक्रम आयोजित करेंगी। उन्होंने संस्था के सभी पदाधिकारियों और सदस्यों का आभार व्यक्त किया।

वक्ताओं ने बताया कि प्रो. गीता सिंह हिंदी साहित्य की प्रतिष्ठित विदुषी हैं। उनकी 23 पुस्तकें प्रकाशित हो चुकी हैं तथा उनके संपादन में अंतरराष्ट्रीय शोध पत्रिका ‘अखिल गीत शोध दृष्टि’ के 26 अंक प्रकाशित हो चुके हैं। उन्हें उत्तर प्रदेश हिंदी संस्थान सहित कई प्रतिष्ठित संस्थाओं द्वारा सम्मानित किया जा चुका है। उच्च शिक्षा एवं साहित्य के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए उन्हें ‘शिक्षक श्री सम्मान’ भी प्राप्त हो चुका है।

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आजमगढ़। शैदा साहित्य मंडल, आजमगढ़ की नई अध्यक्ष के रूप में प्रो. गीता सिंह ‘शिक्षक श्री’ की नियुक्ति की गई है। यह संस्था के इतिहास में पहली बार है जब किसी महिला को अध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी गई है। नियुक्ति पत्र संस्था के संस्थापक एवं संरक्षक कन्हैया लाल अस्थाना ‘प्रहरी’, वरिष्ठ साहित्यकार डॉ. भक्तवत्सल श्रीवास्तव तथा नव नियुक्त संरक्षक प्रो. अखिलेश चन्द्र ने संयुक्त रूप से जारी किया।

मड़या स्थित प्रो. अखिलेश चन्द्र के आवास पर आयोजित दायित्व ग्रहण समारोह की शुरुआत मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण, दीप प्रज्ज्वलन और सरस्वती वंदना के साथ हुई। कार्यक्रम की अध्यक्षता डॉ. भक्तवत्सल श्रीवास्तव ने की।

नवनियुक्त अध्यक्ष प्रो. गीता सिंह ने कहा कि शैदा साहित्य मंडल जनपद की प्रतिष्ठित साहित्यिक संस्था है और वह इसकी गौरवशाली परंपरा को आगे बढ़ाते हुए साहित्य की विभिन्न विधाओं पर नियमित कार्यक्रम आयोजित करेंगी। उन्होंने संस्था के सभी पदाधिकारियों और सदस्यों का आभार व्यक्त किया।

वक्ताओं ने बताया कि प्रो. गीता सिंह हिंदी साहित्य की प्रतिष्ठित विदुषी हैं। उनकी 23 पुस्तकें प्रकाशित हो चुकी हैं तथा उनके संपादन में अंतरराष्ट्रीय शोध पत्रिका ‘अखिल गीत शोध दृष्टि’ के 26 अंक प्रकाशित हो चुके हैं। उन्हें उत्तर प्रदेश हिंदी संस्थान सहित कई प्रतिष्ठित संस्थाओं द्वारा सम्मानित किया जा चुका है। उच्च शिक्षा एवं साहित्य के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए उन्हें ‘शिक्षक श्री सम्मान’ भी प्राप्त हो चुका है।

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आजमगढ़। शैदा साहित्य मंडल, आजमगढ़ की नई अध्यक्ष के रूप में प्रो. गीता सिंह ‘शिक्षक श्री’ की नियुक्ति की गई है। यह संस्था के इतिहास में पहली बार है जब किसी महिला को अध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी गई है। नियुक्ति पत्र संस्था के संस्थापक एवं संरक्षक कन्हैया लाल अस्थाना ‘प्रहरी’, वरिष्ठ साहित्यकार डॉ. भक्तवत्सल श्रीवास्तव तथा नव नियुक्त संरक्षक प्रो. अखिलेश चन्द्र ने संयुक्त रूप से जारी किया।

मड़या स्थित प्रो. अखिलेश चन्द्र के आवास पर आयोजित दायित्व ग्रहण समारोह की शुरुआत मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण, दीप प्रज्ज्वलन और सरस्वती वंदना के साथ हुई। कार्यक्रम की अध्यक्षता डॉ. भक्तवत्सल श्रीवास्तव ने की।

नवनियुक्त अध्यक्ष प्रो. गीता सिंह ने कहा कि शैदा साहित्य मंडल जनपद की प्रतिष्ठित साहित्यिक संस्था है और वह इसकी गौरवशाली परंपरा को आगे बढ़ाते हुए साहित्य की विभिन्न विधाओं पर नियमित कार्यक्रम आयोजित करेंगी। उन्होंने संस्था के सभी पदाधिकारियों और सदस्यों का आभार व्यक्त किया।

वक्ताओं ने बताया कि प्रो. गीता सिंह हिंदी साहित्य की प्रतिष्ठित विदुषी हैं। उनकी 23 पुस्तकें प्रकाशित हो चुकी हैं तथा उनके संपादन में अंतरराष्ट्रीय शोध पत्रिका ‘अखिल गीत शोध दृष्टि’ के 26 अंक प्रकाशित हो चुके हैं। उन्हें उत्तर प्रदेश हिंदी संस्थान सहित कई प्रतिष्ठित संस्थाओं द्वारा सम्मानित किया जा चुका है। उच्च शिक्षा एवं साहित्य के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए उन्हें ‘शिक्षक श्री सम्मान’ भी प्राप्त हो चुका है।

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आजमगढ़। शैदा साहित्य मंडल, आजमगढ़ की नई अध्यक्ष के रूप में प्रो. गीता सिंह ‘शिक्षक श्री’ की नियुक्ति की गई है। यह संस्था के इतिहास में पहली बार है जब किसी महिला को अध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी गई है। नियुक्ति पत्र संस्था के संस्थापक एवं संरक्षक कन्हैया लाल अस्थाना ‘प्रहरी’, वरिष्ठ साहित्यकार डॉ. भक्तवत्सल श्रीवास्तव तथा नव नियुक्त संरक्षक प्रो. अखिलेश चन्द्र ने संयुक्त रूप से जारी किया।

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नवनियुक्त अध्यक्ष प्रो. गीता सिंह ने कहा कि शैदा साहित्य मंडल जनपद की प्रतिष्ठित साहित्यिक संस्था है और वह इसकी गौरवशाली परंपरा को आगे बढ़ाते हुए साहित्य की विभिन्न विधाओं पर नियमित कार्यक्रम आयोजित करेंगी। उन्होंने संस्था के सभी पदाधिकारियों और सदस्यों का आभार व्यक्त किया।

वक्ताओं ने बताया कि प्रो. गीता सिंह हिंदी साहित्य की प्रतिष्ठित विदुषी हैं। उनकी 23 पुस्तकें प्रकाशित हो चुकी हैं तथा उनके संपादन में अंतरराष्ट्रीय शोध पत्रिका ‘अखिल गीत शोध दृष्टि’ के 26 अंक प्रकाशित हो चुके हैं। उन्हें उत्तर प्रदेश हिंदी संस्थान सहित कई प्रतिष्ठित संस्थाओं द्वारा सम्मानित किया जा चुका है। उच्च शिक्षा एवं साहित्य के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए उन्हें ‘शिक्षक श्री सम्मान’ भी प्राप्त हो चुका है।

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आजमगढ़। शैदा साहित्य मंडल, आजमगढ़ की नई अध्यक्ष के रूप में प्रो. गीता सिंह ‘शिक्षक श्री’ की नियुक्ति की गई है। यह संस्था के इतिहास में पहली बार है जब किसी महिला को अध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी गई है। नियुक्ति पत्र संस्था के संस्थापक एवं संरक्षक कन्हैया लाल अस्थाना ‘प्रहरी’, वरिष्ठ साहित्यकार डॉ. भक्तवत्सल श्रीवास्तव तथा नव नियुक्त संरक्षक प्रो. अखिलेश चन्द्र ने संयुक्त रूप से जारी किया।

मड़या स्थित प्रो. अखिलेश चन्द्र के आवास पर आयोजित दायित्व ग्रहण समारोह की शुरुआत मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण, दीप प्रज्ज्वलन और सरस्वती वंदना के साथ हुई। कार्यक्रम की अध्यक्षता डॉ. भक्तवत्सल श्रीवास्तव ने की।

नवनियुक्त अध्यक्ष प्रो. गीता सिंह ने कहा कि शैदा साहित्य मंडल जनपद की प्रतिष्ठित साहित्यिक संस्था है और वह इसकी गौरवशाली परंपरा को आगे बढ़ाते हुए साहित्य की विभिन्न विधाओं पर नियमित कार्यक्रम आयोजित करेंगी। उन्होंने संस्था के सभी पदाधिकारियों और सदस्यों का आभार व्यक्त किया।

वक्ताओं ने बताया कि प्रो. गीता सिंह हिंदी साहित्य की प्रतिष्ठित विदुषी हैं। उनकी 23 पुस्तकें प्रकाशित हो चुकी हैं तथा उनके संपादन में अंतरराष्ट्रीय शोध पत्रिका ‘अखिल गीत शोध दृष्टि’ के 26 अंक प्रकाशित हो चुके हैं। उन्हें उत्तर प्रदेश हिंदी संस्थान सहित कई प्रतिष्ठित संस्थाओं द्वारा सम्मानित किया जा चुका है। उच्च शिक्षा एवं साहित्य के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए उन्हें ‘शिक्षक श्री सम्मान’ भी प्राप्त हो चुका है।

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मड़या स्थित प्रो. अखिलेश चन्द्र के आवास पर आयोजित दायित्व ग्रहण समारोह की शुरुआत मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण, दीप प्रज्ज्वलन और सरस्वती वंदना के साथ हुई। कार्यक्रम की अध्यक्षता डॉ. भक्तवत्सल श्रीवास्तव ने की।

नवनियुक्त अध्यक्ष प्रो. गीता सिंह ने कहा कि शैदा साहित्य मंडल जनपद की प्रतिष्ठित साहित्यिक संस्था है और वह इसकी गौरवशाली परंपरा को आगे बढ़ाते हुए साहित्य की विभिन्न विधाओं पर नियमित कार्यक्रम आयोजित करेंगी। उन्होंने संस्था के सभी पदाधिकारियों और सदस्यों का आभार व्यक्त किया।

वक्ताओं ने बताया कि प्रो. गीता सिंह हिंदी साहित्य की प्रतिष्ठित विदुषी हैं। उनकी 23 पुस्तकें प्रकाशित हो चुकी हैं तथा उनके संपादन में अंतरराष्ट्रीय शोध पत्रिका ‘अखिल गीत शोध दृष्टि’ के 26 अंक प्रकाशित हो चुके हैं। उन्हें उत्तर प्रदेश हिंदी संस्थान सहित कई प्रतिष्ठित संस्थाओं द्वारा सम्मानित किया जा चुका है। उच्च शिक्षा एवं साहित्य के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए उन्हें ‘शिक्षक श्री सम्मान’ भी प्राप्त हो चुका है।

कार्यक्रम में संस्था के सचिव राजेश अस्थाना ‘अनंत’, अम्बरीश श्रीवास्तव, संजय श्रीवास्तव, वसीम अकरम, आरजे आदिल, डॉ. निधि सिंह, निष्ठा सिंह समेत बड़ी संख्या में साहित्यकार, शिक्षाविद एवं गणमान्य लोग उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन राजेश अस्थाना ‘अनंत’ तथा संयोजन अम्बरीश श्रीवास्तव ने किया।

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