भदोही
साइबर हेल्प डेस्क की तत्परता से पीड़ित को मिले 5 हजार रुपये, भदोही पुलिस का जताया आभार
लिंक क्लिक करते ही हुआ साइबर फ्रॉड, शिकायत पर पुलिस ने वापस कराई धनराशि
भदोही। पुलिस अधीक्षक अभिनव त्यागी के निर्देशन में साइबर अपराधों की रोकथाम और पीड़ितों को त्वरित राहत दिलाने के क्रम में थाना सुरियावां की साइबर हेल्प डेस्क ने एक साइबर ठगी के मामले में कार्रवाई करते हुए पीड़ित के खाते में 5,000 रुपये वापस कराए हैं।
जानकारी के अनुसार, थाना सुरियावां क्षेत्र के सागरपुर निवासी नीरज पुत्र शेषधर साइबर ठगी का शिकार हो गए थे। अज्ञात व्यक्ति द्वारा भेजी गई एक संदिग्ध लिंक पर क्लिक करने के बाद उनका मोबाइल हैंग हो गया और उनके खाते से 27,997 रुपये की धनराशि निकल गई।
एनसीआरपी पोर्टल पर शिकायत के बाद हुई कार्रवाई
घटना के बाद पीड़ित ने ऑनलाइन साइबर शिकायत दर्ज कराई। साइबर हेल्प डेस्क थाना सुरियावां ने शिकायत और एनसीआरपी पोर्टल पर उपलब्ध विवरण का परीक्षण कर त्वरित कार्रवाई की। प्रयासों के परिणामस्वरूप पीड़ित के खाते में 5,000 रुपये की धनराशि वापस कराई गई।
धनराशि वापस मिलने पर पीड़ित ने पुलिस अधीक्षक भदोही और साइबर हेल्प डेस्क टीम का आभार व्यक्त करते हुए भदोही पुलिस की सराहना की।
साइबर अपराध से बचाव के लिए पुलिस की अपील
भदोही पुलिस ने लोगों से साइबर ठगी से बचने के लिए सावधानी बरतने की अपील की है। पुलिस के अनुसार—
महत्वपूर्ण सावधानियां
- साइबर ठगी होने पर तुरंत 1930 हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कराएं।
- किसी अज्ञात व्यक्ति के कहने पर कोई एप डाउनलोड न करें।
- वर्क फ्रॉम होम या शेयर ट्रेडिंग से जुड़े प्रस्तावों की पूरी जानकारी लेने के बाद ही निवेश करें।
- अंजान व्यक्ति द्वारा पैसे मांगने पर पूरी जांच-पड़ताल करें।
- किसी अज्ञात मोबाइल नंबर या व्यक्ति द्वारा भेजी गई लिंक पर क्लिक न करें।
- गलत खाते में पैसा आने की स्थिति में स्वयं ट्रांसफर करने के बजाय बैंक के माध्यम से प्रक्रिया अपनाएं।
कार्रवाई करने वाली टीम
- महिला कांस्टेबल गरिमा यादव
- महिला कांस्टेबल प्रज्ञा
साइबर हेल्प डेस्क की इस त्वरित कार्रवाई से एक बार फिर यह संदेश गया है कि समय पर शिकायत दर्ज कराने पर साइबर ठगी के मामलों में राहत मिल सकती है।
