बलिया
नौरंगा गांव का अस्तित्व बचाने के प्रयास नाकाफी : विधायक जयप्रकाश अंचल
बाढ़ से बचाव के लिए युद्धस्तर पर कार्यवाही की मांग
भाजपा सरकार पर स्वास्थ्य, शिक्षा और बिजली व्यवस्था में विफलता का आरोप
बलिया। बैरिया विधानसभा क्षेत्र के विधायक जयप्रकाश अंचल ने गोपालनगर दियारा क्षेत्र के नौरंगा गांव को कटान और बाढ़ के खतरे से बचाने के लिए सरकार से प्रभावी कदम उठाने की मांग की है। उन्होंने कहा कि गांव के अस्तित्व को बचाने के लिए वर्तमान में किए जा रहे प्रयास पर्याप्त नहीं हैं और यदि शीघ्र युद्धस्तर पर कार्य नहीं किया गया तो इस बार नौरंगा को बचाना मुश्किल हो सकता है।
स्थानीय डाकबंगले में आयोजित पत्रकार वार्ता के दौरान विधायक अंचल ने कहा कि प्रदेश सरकार लगभग सभी प्रमुख क्षेत्रों में विफल साबित हो रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि कानून-व्यवस्था, स्वास्थ्य, शिक्षा और बिजली जैसी मूलभूत सुविधाओं के मामले में सरकार अपेक्षित परिणाम देने में असफल रही है।
अस्पताल रेफरल केंद्र बनकर रह गए
एक प्रश्न के उत्तर में विधायक ने कहा कि केवल बलिया ही नहीं, बल्कि पूरे प्रदेश के अधिकांश सरकारी अस्पताल रेफरल केंद्र बनकर रह गए हैं। मरीजों को समुचित उपचार के बजाय उच्च चिकित्सा केंद्रों के लिए रेफर किया जा रहा है, जिससे आम जनता को कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी की सरकार ने अपने कार्यकाल में जो वादे किए थे, उन्हें पूरा कर दिखाया। बिजली आपूर्ति के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि सपा सरकार ने 16 घंटे बिजली देने का वादा किया था और उसे पूरा भी किया था।
2027 में बदलाव का दावा
विधायक जयप्रकाश अंचल ने कहा कि वर्तमान भाजपा सरकार 22 घंटे बिजली आपूर्ति का दावा कर रही है, लेकिन जमीनी हकीकत इससे अलग है। उन्होंने दावा किया कि प्रदेश की जनता आगामी विधानसभा चुनाव में इसका जवाब देगी और वर्ष 2027 में समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष Akhilesh Yadav के नेतृत्व में प्रदेश में मजबूत सरकार बनाएगी।
नौरंगा के लिए विशेष योजना की जरूरत
विधायक ने कहा कि नौरंगा गांव और दियारा क्षेत्र के अन्य बाढ़ प्रभावित इलाकों को बचाने के लिए दीर्घकालिक और प्रभावी योजना की आवश्यकता है। उन्होंने सरकार से मांग की कि कटानरोधी कार्यों और बाढ़ सुरक्षा परियोजनाओं को प्राथमिकता देते हुए तत्काल आवश्यक कदम उठाए जाएं।
