बलिया
ग्राम न्यायालय का जनपद न्यायाधीश ने किया औचक निरीक्षण
लंबित मामलों के शीघ्र निस्तारण और न्यायिक व्यवस्था सुदृढ़ करने पर दिया जोर
न्यायाधिकारी का पद रिक्त होने से प्रभावित हो रहा न्यायिक कार्य, वादकारियों को हो रही परेशानी
बैरिया (बलिया)। स्थानीय तहसील भवन की तीसरी मंजिल पर स्थित ग्राम न्यायालय का गुरुवार को जिला एवं सत्र न्यायाधीश अनिल कुमार झा ने औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने न्यायालय की विभिन्न पत्रावलियों का गहन परीक्षण किया तथा न्यायाधिकारी कक्ष सहित उपलब्ध बुनियादी सुविधाओं का जायजा लिया। साथ ही न्यायिक कार्यों के सुचारु संचालन को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए।
निरीक्षण के दौरान यह तथ्य सामने आया कि ग्राम न्यायालय के न्यायाधिकारी विशाल शर्मा का लगभग दो माह पूर्व स्थानांतरण हो चुका है, जिसके बाद से यह पद रिक्त पड़ा हुआ है। उल्लेखनीय है कि बैरिया में ग्राम न्यायालय की स्थापना 10 जून 2025 को हुई थी। अपने कार्यकाल में न्यायाधिकारी विशाल शर्मा ने अनेक मामलों का निस्तारण कर न्यायालय की कार्यप्रणाली को प्रभावी बनाया था, जिसकी वादकारियों द्वारा सराहना की जाती रही है।
न्यायाधिकारी के पद रिक्त होने के कारण वर्तमान में न्यायिक कार्य प्रभावित हो रहा है। ग्राम न्यायालय में दीवानी न्यायालय के 25 हजार रुपये तक की मालियत वाले मुकदमे, 20 हजार रुपये तक की चोरी से संबंधित मामले तथा भारतीय दंड संहिता की धारा 304-ए, 323, 504 सहित दो वर्ष तक की सजा वाले 500 से अधिक मामले विचाराधीन हैं।
वादी और प्रतिवादी प्रत्येक तिथि पर न्याय की उम्मीद लेकर न्यायालय पहुंचते हैं, लेकिन न्यायाधिकारी की अनुपस्थिति के कारण उन्हें निराश होकर लौटना पड़ रहा है। इससे क्षेत्रीय लोगों में चिंता बढ़ रही है और लंबित मामलों के शीघ्र निस्तारण की मांग भी उठ रही है।
निरीक्षण के दौरान उपजिलाधिकारी बैरिया संजय कुमार कुशवाहा भी मौजूद रहे। जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने न्यायालय की व्यवस्थाओं का अवलोकन करते हुए आवश्यक सुधारात्मक कदम उठाने के निर्देश दिए।
