बलिया
संघर्ष से सफलता तक: बलिया की बेटी ट्विंकल गुप्ता का भारतेंदु नाट्य अकादमी में चयन
बलिया। सीमित सीटों और कड़ी चयन प्रक्रिया वाले प्रतिष्ठित भारतेंदु नाट्य अकादमी में बलिया की युवा रंगकर्मी ट्विंकल गुप्ता और रंगकर्मी शुभम सिंह का चयन हुआ है। यह उपलब्धि न केवल दोनों कलाकारों की मेहनत का परिणाम है, बल्कि जिले के युवा रंगकर्मियों के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बन गई है।
ट्विंकल गुप्ता ने बताया कि उन्हें लगातार दो बार असफलता का सामना करना पड़ा, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी और तीसरे प्रयास में सफलता हासिल की। अखिल भारतीय स्तर पर आयोजित चयन प्रक्रिया में मात्र 20 सीटों के लिए प्रतिस्पर्धा थी, जिसमें संकल्प संस्था से जुड़े दो रंगकर्मियों ने अपना स्थान बनाया।
परीक्षा से पहले टूटा दुखों का पहाड़
ट्विंकल ने बताया कि जिस दिन उनका परीक्षा थी, उसी रात उन्हें अपनी दादी के निधन की सूचना मिली। दादी से उनका बेहद गहरा लगाव था। उन्होंने भावुक होकर कहा कि दादी हमेशा उनकी चिंता करती थीं और उनके रंगमंचीय सफर की प्रेरणा थीं। इस कठिन परिस्थिति के बावजूद मित्रों के उत्साहवर्धन पर उन्होंने परीक्षा दी और सफलता प्राप्त की।
रंगमंच के प्रति समर्पण का मिला फल
ट्विंकल ने सतीश चंद्र कॉलेज से हिंदी विषय में एमए की पढ़ाई पूरी की है। वह वर्ष 2015 से रंगकर्म और 2016 से नाट्य विधा से जुड़ी हुई हैं। उन्होंने अनेक नाटकों में अभिनय और निर्देशन किया है तथा राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय से इंडियन क्लासिकल थिएटर में एक वर्षीय सर्टिफिकेट कोर्स भी किया है।
उन्हें संस्कृति मंत्रालय की ओर से राष्ट्रीय छात्रवृत्ति (नेशनल स्कॉलरशिप) भी प्राप्त हो चुकी है। ट्विंकल का सपना है कि रंगमंच को समाज के हर वर्ग तक पहुंचाया जाए और इसकी महत्ता को व्यापक रूप से समझाया जाए।
गुरु का मिला निरंतर मार्गदर्शन
संकल्प संस्था के निदेशक आशीष त्रिवेदी ने बताया कि ट्विंकल इंटरमीडिएट के समय से संस्था से जुड़ी हैं। शुरुआत में उन्होंने नृत्य किया, लेकिन उनकी रुचि अभिनय में अधिक थी। नाटक “आषाढ़ का एक दिन” में उनके उत्कृष्ट अभिनय ने सभी का ध्यान आकर्षित किया और तभी से उनके उज्ज्वल भविष्य के संकेत मिलने लगे थे।
उन्होंने बताया कि ट्विंकल की आर्थिक स्थिति सामान्य होने के बावजूद उनकी प्रतिभा को देखते हुए संस्था ने उन्हें लगातार अवसर दिए। आज उनकी सफलता पूरे बलिया जनपद के लिए गर्व का विषय है।
शुभम सिंह ने भी बढ़ाया जिले का मान
इस चयन प्रक्रिया में गाजीपुर से बलिया आकर रंगमंच की शिक्षा प्राप्त कर रहे युवा रंगकर्मी शुभम सिंह का भी चयन हुआ है। दोनों कलाकारों की सफलता से रंगमंच जगत में खुशी का माहौल है।
यह उपलब्धि साबित करती है कि कठिन परिस्थितियां भी उस व्यक्ति का रास्ता नहीं रोक सकतीं, जिसके पास दृढ़ संकल्प, निरंतर परिश्रम और अपने लक्ष्य के प्रति अटूट विश्वास हो।
