गाजीपुर
समाजसेवी मोती सिंह का व्हाट्सएप हैक, ठगों ने परिचितों से मांगे 48 हजार रुपये
सतर्कता से टला साइबर फ्रॉड, समय रहते खुली जालसाजों की पोल
रिश्तेदारों, शुभचिंतकों और मित्रों को भेजा गया फर्जी संदेश, साइबर पुलिस जांच में जुटी
नंदगंज (गाजीपुर)। श्री ठाकुरजी राम लक्ष्मण जानकी ट्रस्ट बरहपुर के प्रबंधक एवं समाजसेवी उमाकांत सिंह उर्फ मोती सिंह का व्हाट्सएप अकाउंट शनिवार दोपहर साइबर जालसाजों द्वारा हैक कर लिया गया। इसके बाद ठगों ने उनके व्हाट्सएप नंबर से रिश्तेदारों, शुभचिंतकों और परिचितों को संदेश भेजकर 48 हजार रुपये की तत्काल आवश्यकता बताई तथा धनराशि एक क्यूआर कोड के माध्यम से भेजने का अनुरोध किया।
फर्जी संदेश में दावा किया गया कि उनके पेटीएम यूपीआई में तकनीकी समस्या आ गई है और उन्हें तत्काल रुपये की जरूरत है। साथ ही दो घंटे के भीतर राशि वापस करने का आश्वासन भी दिया गया था। संदेश के साथ एक अन्य व्यक्ति के नाम का क्यूआर कोड भी साझा किया गया।
व्हाट्सएप पर रुपये मांगने वाला संदेश मिलने पर उनके पत्रकार मित्र विजय प्रकाश श्रीवास्तव को संदेह हुआ। उन्होंने तत्काल दूसरे मोबाइल नंबर पर संपर्क कर मामले की जानकारी ली। बातचीत में उमाकांत सिंह ने स्पष्ट किया कि उन्होंने किसी से रुपये नहीं मांगे हैं और उनका व्हाट्सएप अकाउंट हैक हो गया है।
इसी प्रकार उनके भाई, रिश्तेदारों और अन्य शुभचिंतकों ने भी फोन कर सत्यता की जानकारी प्राप्त की। लगातार फोन आने पर उमाकांत सिंह ने नंदगंज थाने पहुंचकर साइबर प्रकोष्ठ को घटना की सूचना दी। जानकारी के अनुसार वही फर्जी संदेश थाना प्रभारी के मोबाइल पर भी भेजा गया था।
लोगों की सतर्कता और समय रहते जानकारी मिलने के कारण कोई भी व्यक्ति जालसाजों के झांसे में नहीं आया और संभावित साइबर ठगी टल गई।
पुलिस प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि मोबाइल या व्हाट्सएप पर रुपये मांगने संबंधी किसी भी संदिग्ध संदेश पर तुरंत विश्वास न करें। ऐसे मामलों में संबंधित व्यक्ति से सीधे फोन पर संपर्क कर सत्यता की पुष्टि अवश्य करें। साइबर पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है।
