सोनभद्र
महुअरिया तालाब पर सीमांकन और पत्थरगढ़ी के बाद ही हो निर्माण कार्य की मांग
तालाब की भूमि सुरक्षित किए बिना सुंदरीकरण कार्य शुरू करने पर स्थानीय लोगों ने जताई चिंता
दुद्धी (सोनभद्र)। कस्बा स्थित महुअरिया तालाब के सुंदरीकरण को लेकर स्थानीय लोगों ने जिलाधिकारी एवं मंडलायुक्त से मांग की है कि तालाब की भूमि का सीमांकन और पत्थरगढ़ी कराए बिना किसी प्रकार का निर्माण कार्य न कराया जाए। उनका कहना है कि ऐसा न होने पर सरकारी धन के दुरुपयोग के साथ-साथ तालाब की वास्तविक भूमि सिकुड़ने का खतरा भी बढ़ जाएगा।
करोड़ों रुपये के बजट से होना है सुंदरीकरण
जानकारी के अनुसार महुअरिया तालाब के सुंदरीकरण के लिए सरकार द्वारा नगर पंचायत को करोड़ों रुपये का बजट आवंटित किया गया है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि नगर पंचायत तालाब की भूमि का विधिवत सीमांकन और पत्थरगढ़ी कराए बिना ही निर्माण कार्य शुरू करने की तैयारी कर रही है।
अतिक्रमण की आशंका
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यदि निर्माण कार्य से पहले तालाब की सीमा निर्धारित नहीं की गई तो भविष्य में आसपास के लोग तालाब की भूमि पर अतिक्रमण कर सकते हैं। इससे तालाब का मूल स्वरूप प्रभावित होगा और सार्वजनिक संपत्ति पर कब्जे की संभावना बढ़ जाएगी।
प्रशासन से हस्तक्षेप की मांग
नागरिकों ने मांग की है कि महुअरिया तालाब की भूमि का राजस्व अभिलेखों के अनुसार सीमांकन कराया जाए तथा पत्थरगढ़ी कर उसकी सीमा सुरक्षित की जाए। इसके बाद ही सुंदरीकरण एवं अन्य निर्माण कार्य शुरू किए जाएं।
जनहित में उठाई गई मांग
स्थानीय लोगों का कहना है कि तालाब का सुंदरीकरण आवश्यक है, लेकिन उससे पहले उसकी वास्तविक भूमि को सुरक्षित करना अधिक जरूरी है। उनका मानना है कि सीमांकन और पत्थरगढ़ी होने से भूमाफियाओं द्वारा अतिक्रमण की संभावना समाप्त होगी और तालाब का अस्तित्व भविष्य में भी सुरक्षित रह सकेगा।
