Connect with us

गोरखपुर

हरपुर में श्रीकृष्ण–रुक्मिणी विवाह प्रसंग ने भक्तों को किया भावविभोर

Published

on

Loading...
Loading...

गोरखपुर। ग्राम पंचायत हरपुर में मुरलीधर दूबे के निज आवास पर आयोजित पावन श्रीमद्भागवत कथा के अंतर्गत जब भगवान श्रीकृष्ण और देवी रुक्मिणी के दिव्य विवाह प्रसंग का भावपूर्ण वर्णन हुआ, तो समूचा वातावरण भक्ति, प्रेम और उल्लास से सराबोर हो गया। कथा व्यासस्वरूप परम पूज्य श्री रामजग मिश्रा जी (गुरु जी) ने श्रीकृष्ण–रुक्मिणी विवाह की कथा को इतने सहज, मधुर और भावात्मक ढंग से प्रस्तुत किया कि श्रोता भावविभोर होकर स्वयं को द्वारका की पावन भूमि पर अनुभव करने लगे।

कथा व्यास ने रुक्मिणी के अखंड प्रेम, उनकी एकनिष्ठ भक्ति और श्रीकृष्ण की करुणा, शौर्य एवं धर्मपरायणता का विस्तार से वर्णन करते हुए बताया कि यह विवाह केवल दो व्यक्तियों का नहीं, बल्कि आत्मा और परमात्मा के मिलन का प्रतीक है। रुक्मिणी द्वारा श्रीकृष्ण को लिखा गया पत्र और भगवान का उन्हें हर ले जाना, अधर्म पर धर्म की विजय और सच्चे प्रेम की महिमा को दर्शाता है।

कथा के यजमान मुरलीधर दूबे एवं उनके परिवार ने पूरे श्रद्धाभाव से आयोजन की व्यवस्था की। यजमान परिवार की भक्ति, सेवा और अतिथि सत्कार ने कथा को और भी गरिमा प्रदान की। इस अवसर पर आचार्य पंडित प्रवीण पाण्डेय ने अपने गुरु कथा व्यास ब्यास मिश्रा को अंग वस्त्र ओढ़ाकर आशीर्वाद प्राप्त किया और व्याख्यान में श्रीकृष्ण–रुक्मिणी विवाह के आध्यात्मिक, सामाजिक और सांस्कृतिक महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि आज के युग में यह प्रसंग हमें प्रेम, विश्वास और धर्म के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है।

Advertisement

कथा के दौरान भजन-कीर्तन, शंखनाद और “जय श्रीकृष्ण” के उद्घोष से पूरा ग्राम भक्तिरस में डूब गया। श्रद्धालुओं ने पुष्पवर्षा कर विवाह प्रसंग का आनंद लिया और इसे अपने जीवन का सौभाग्यशाली क्षण बताया। अंत में गुरु जी के आशीर्वाद से ग्रामवासियों में धर्म, संस्कार और सद्भाव का संचार हुआ। यह श्रीमद्भागवत कथा न केवल धार्मिक आयोजन रही, बल्कि समाज को जोड़ने और आध्यात्मिक चेतना जागृत करने का अनुपम माध्यम भी बनी।

Continue Reading
Advertisement
Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Copyright © 2024 Jaidesh News. Created By Hoodaa

You cannot copy content of this page