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बलिया

8वें वेतन आयोग के समक्ष डिप्लोमा इंजीनियर्स फेडरेशन ने रखा पक्ष

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न्यूनतम वेतन 70,700 रुपये और जूनियर इंजीनियरों का वेतन 1.39 लाख रुपये करने की मांग

लखनऊ। आल इंडिया फेडरेशन ऑफ डिप्लोमा इंजीनियर्स के प्रतिनिधिमंडल ने 8वें वेतन आयोग के समक्ष विभिन्न सेवा संबंधी मुद्दों पर अपना पक्ष रखते हुए वेतन, भत्तों, कैरियर प्रोग्रेशन, सेवानिवृत्ति लाभ तथा पुरानी पेंशन बहाली सहित कई महत्वपूर्ण सुझाव प्रस्तुत किए। प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व फेडरेशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष इं. एन.डी. द्विवेदी ने किया।

आयोग के साथ दो घंटे चली विस्तृत वार्ता

8वें वेतन आयोग का प्रतिनिधिमंडल 22 और 23 जून 2026 को उत्तर प्रदेश के दौरे पर रहा। इसी क्रम में आयोग ने 23 जून को आल इंडिया फेडरेशन ऑफ डिप्लोमा इंजीनियर्स को अपना पक्ष रखने के लिए समय आवंटित किया था। दोपहर 2:30 बजे से 4:30 बजे तक चली बैठक में फेडरेशन की ओर से राष्ट्रीय अध्यक्ष इं. एन.डी. द्विवेदी, पूर्व राष्ट्रीय महासचिव इं. एस.एस. दुबे तथा उत्तर प्रदेश डिप्लोमा इंजीनियर्स महासंघ के प्रांतीय अध्यक्ष इं. एच.एन. मिश्रा शामिल हुए।

वेतन संरचना और भत्तों पर दिए सुझाव

फेडरेशन ने आयोग के समक्ष न्यूनतम वेतन 70,700 रुपये निर्धारित करने तथा जूनियर इंजीनियरों का न्यूनतम वेतन 1,39,000 रुपये किए जाने की मांग रखी। इसके साथ ही फिटमेंट फैक्टर 3.93, वार्षिक वेतन वृद्धि 6 प्रतिशत तथा पे-लेवल 6, 7 और 8 को एकीकृत करने का सुझाव दिया गया।

प्रतिनिधिमंडल ने महंगाई भत्ता, आवास किराया भत्ता, यात्रा भत्ता, शिक्षा भत्ता, वाहन भत्ता, पर्वतीय भत्ता, रात्रि सेवा भत्ता और सिटी अलाउंस समेत विभिन्न भत्तों में वृद्धि की मांग की। मकान किराया भत्ता शहरों के वर्गीकरण के अनुसार 45, 40 और 35 प्रतिशत निर्धारित करने का प्रस्ताव भी रखा गया।

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शिक्षा भत्ता और अग्रिम सुविधाओं में बढ़ोतरी की मांग

फेडरेशन ने प्रत्येक बच्चे के लिए प्रतिमाह 10 हजार रुपये शिक्षा भत्ता देने की मांग की। इसके अलावा बिना ब्याज दो लाख रुपये कंप्यूटर अग्रिम, दो करोड़ रुपये तक गृह निर्माण अग्रिम तथा 15 लाख रुपये तक वाहन अग्रिम उपलब्ध कराने का सुझाव दिया गया।

अवकाश और सेवा सुविधाओं पर भी जोर

प्रतिनिधिमंडल ने आकस्मिक अवकाश 15 दिन, अर्जित अवकाश की सीमा 600 दिन, मातृत्व अवकाश 240 दिन और पितृत्व अवकाश 45 दिन किए जाने की मांग रखी। साथ ही एलटीसी सुविधा को विस्तारित करते हुए प्रत्येक चार वर्ष में एक बार अंतरदेशीय तथा पूरी सेवा अवधि में दो बार अंतरराष्ट्रीय यात्रा की अनुमति देने का प्रस्ताव दिया गया।

कैरियर प्रोग्रेशन और बोनस व्यवस्था पर सुझाव

फेडरेशन ने एमएसीपी योजना के तहत 6, 12, 18, 24 और 30 वर्ष की सेवा अवधि पर पांच अपग्रेडेशन/प्रोन्नति प्रदान करने की मांग की। इसके अलावा बोनस और प्रोत्साहन राशि वास्तविक वेतन एवं महंगाई भत्ते के आधार पर देने का सुझाव दिया गया।

पुरानी पेंशन बहाली की उठाई मांग

फेडरेशन ने एनपीएस और यूपीएस व्यवस्था को समाप्त कर पुरानी पेंशन योजना बहाल करने की मांग दोहराई। साथ ही सेवानिवृत्ति पर 600 दिन का लीव इनकैशमेंट तथा ग्रेच्युटी की अधिकतम सीमा 75 लाख रुपये निर्धारित किए जाने का सुझाव दिया।

चार लाख से अधिक डिप्लोमा इंजीनियरों का प्रतिनिधित्व

फेडरेशन के अनुसार वह देशभर के विभिन्न राज्यों और केंद्र सरकार के विभागों में कार्यरत चार लाख से अधिक डिप्लोमा इंजीनियरों का प्रतिनिधित्व करता है। संगठन ने उम्मीद जताई कि आयोग कर्मचारियों और इंजीनियरों के हितों को ध्यान में रखते हुए अपनी सिफारिशों में इन सुझावों को शामिल करेगा।

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