बलिया
22 सागौन के पेड़ों की अवैध कटाई पर दो के खिलाफ एफआईआर
वन विभाग और पुलिस की संयुक्त कार्रवाई, लकड़ियां जब्त; पर्यावरण संरक्षण को लेकर सख्त रुख
बिना अनुमति पेड़ काटने का आरोप, उत्तर प्रदेश वृक्ष संरक्षण अधिनियम के तहत दर्ज हुआ मुकदमा
बांसडीहरोड (बलिया)। पर्यावरण संरक्षण और वन संपदा की सुरक्षा को लेकर वन विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 22 सागौन के हरे पेड़ों की अवैध कटाई के मामले में दो लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई है। वन विभाग और पुलिस की संयुक्त कार्रवाई के बाद अवैध कटान करने वालों में हड़कंप मच गया है।
जानकारी के अनुसार, छाता रेंज के अंतर्गत डुमरी-घघरौली मार्ग पर स्थित एक निजी खेत में बिना विभागीय अनुमति के करीब 22 सागौन के पेड़ काटे जाने की सूचना मिली थी। जांच में सामने आया कि घघरौली गांव निवासी तारकेश्वर प्रसाद ने अपने खेत से इन पेड़ों की कटाई कराई, जबकि इस कार्य में मनु सिंह की भी भूमिका बताई गई है।
सूचना मिलते ही वन दरोगा अनिल कुमार यादव टीम के साथ मौके पर पहुंचे और जांच के दौरान अवैध कटान की पुष्टि होने पर कटी हुई लकड़ियों को जब्त कर सुरक्षित सुपुर्दगी में दे दिया।
वन विभाग के रेंजर प्रशांत शर्मा ने बताया कि बिना विभागीय अनुमति के पेड़ों की कटाई उत्तर प्रदेश वृक्ष संरक्षण अधिनियम, 1976 तथा वन उपज अभिकथन नियमावली का उल्लंघन है। वन दरोगा की तहरीर पर बांसडीहरोड थाने में दोनों आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।
प्रभागीय वनाधिकारी (डीएफओ) नीरज आर्य ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण के मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही या अवैध कटान को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि पूरे जनपद में अवैध रूप से पेड़ों की कटाई करने वालों के विरुद्ध अभियान लगातार जारी रहेगा और दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
