बलिया
12 साल से बंद पड़ा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, 40 हजार आबादी स्वास्थ्य सेवाओं से वंचित
हरदेव का डेरा स्थित पीएचसी बना आवारा पशुओं का ठिकाना, शिकायत पर सीएमओ ने विभागीय कार्रवाई के दिए निर्देश
ग्रामीणों ने इलाज के अभाव में भारी परेशानी का लगाया आरोप, नए स्टाफ की तैनाती का आश्वासन
बलिया। दुबहड़ विकासखंड के गंगा पार स्थित हरदेव का डेरा (शिवपुर दीयर नंबरी) का नया प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) पिछले करीब 12 वर्षों से उपेक्षा का शिकार बना हुआ है। वर्ष 2014 में स्थापित यह स्वास्थ्य केंद्र क्षेत्र की लगभग 40 हजार आबादी को नियमित स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने में असफल रहा है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि अस्पताल लंबे समय से बंद पड़ा है, जिससे मरीजों को इलाज के लिए दूर-दराज के अस्पतालों का सहारा लेना पड़ रहा है।
ग्रामीणों ने सुविधाओं के अभाव का लगाया आरोप
ग्रामीणों के अनुसार अस्पताल में तैनात चिकित्सक और अन्य कर्मचारी नियमित रूप से उपस्थित नहीं रहते। अस्पताल तक पहुंचने का समुचित रास्ता नहीं होने और रखरखाव के अभाव में परिसर आवारा पशुओं का ठिकाना बन गया है तथा वहां जहरीले सांपों का भी डर बना रहता है।
स्थानीय निवासी इंदु देवी और संजय साहनी ने बताया कि इलाज के लिए मरीजों को लगभग 45 किलोमीटर दूर जिला अस्पताल जाना पड़ता है। उनका दावा है कि बाढ़ के दौरान स्थिति और गंभीर हो जाती है तथा समय पर उपचार नहीं मिलने से कई महिला मरीजों की रास्ते में ही मौत हो चुकी है।
बार-बार शिकायत के बाद भी नहीं हुआ समाधान
ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने जनप्रतिनिधियों और प्रशासन से कई बार अस्पताल को नियमित रूप से संचालित कराने की मांग की, लेकिन लंबे समय तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
सीएमओ ने दिए जांच और कार्रवाई के निर्देश
मामले की जानकारी मिलने के बाद मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) डॉ. अभय नारायण राय ने कहा कि अस्पताल में तैनात चिकित्सक एवं संबंधित कर्मचारियों के विरुद्ध विभागीय कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि नए स्टाफ की तैनाती कर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र का नियमित संचालन सुनिश्चित कराया जाएगा, ताकि क्षेत्र की जनता को स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ मिल सके।
