गोरखपुर
सोनौली हाईवे पर जमीन विवाद ने पकड़ा तूल, सीमांकन न होने से बढ़ा तनाव
गोरखपुर। वन रेंज कैंम्पियरगंज के भारी वैसी गांव में सोनौली हाईवे के किनारे वन विभाग और पट्टा की जमीन को लेकर चल रहा विवाद एक बार फिर तूल पकड़ गया है। राजस्व विभाग की लापरवाही के चलते अब तक दोनों जमीनों का सीमांकन नहीं हो पाया है, जिससे मौके पर लगातार तनाव की स्थिति बनी हुई है।
सूत्रों के अनुसार, वन विभाग के अधिकारियों द्वारा कई बार फरेंदा उपजिलाधिकारी से सीमांकन कराने की शिकायत की गई, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो सकी। इसी बीच कुछ दिन पहले पूर्व रेंजर समर सिंह ने हाईवे किनारे चल रहे लोक निर्माण कार्य को यह कहते हुए रुकवा दिया था कि पहले जमीन का सीमांकन हो, उसके बाद ही निर्माण कराया जाए।
इसके बावजूद गुरुवार रात को चोरी-छिपे सेंटरिंग कर निर्माण कार्य शुरू कर दिया गया। सूचना मिलते ही रेंजर IFS रोहन तिवारी , डिप्टी रेंजर राहुल सिंह मय फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे और निर्माण कार्य को तत्काल रुकवा दिया। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि जब तक सीमांकन नहीं होता, किसी भी प्रकार का निर्माण कार्य नहीं किया जा सकता और सेंटरिंग के समान को वन रेंज कार्यालय ले जाएगा
मौके पर कुछ दबंग व्यक्तियों द्वारा प्रशासनिक कार्यवाही में बाधा डालने और दबाव बनाने की भी कोशिश की गई। हालांकि वन विभाग की टीम ने सख्ती दिखाते हुए कार्य को बंद करा दिया।
सूत्रों का यह भी दावा है कि हाईवे से सटी इस कीमती जमीन को लेकर खेल चल रहा है। कथित रूप से पट्टा की जमीन को कागजों में दिखाकर बिक्री की जा रही है और कब्जा कर निर्माण कराया जा रहा है। गांव में भी इसी आधार पर कई लोगों ने मकान खड़े कर लिए हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि पूरे मामले में “कब्जा करो अभियान” जैसा माहौल बन गया है, जहां नियमों को दरकिनार कर जमीन पर कब्जा किया जा रहा है।
अब देखना यह होगा कि प्रशासन इस गंभीर मामले में कब तक सीमांकन कराकर स्थिति स्पष्ट करता है और अवैध निर्माण पर क्या कार्रवाई होती है।
