वाराणसी
सेवा भाव से शुरू हुआ अर्वाचीन हॉस्पिटल, एक ही छत के नीचे विशेषज्ञ चिकित्सा सुविधा
कोरोना काल के अनुभव ने डॉ. रामपाल सिंह को अस्पताल स्थापित करने की दी प्रेरणा
सड़क दुर्घटना पीड़ितों का निशुल्क प्राथमिक उपचार कर बना रहा लोगों का सहारा
पीडीडीयू नगर। वाराणसी स्थित अर्वाचीन हॉस्पिटल के चेयरमैन डॉ. रामपाल सिंह ने बताया कि समाज के हर वर्ग को बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से वर्ष 2023 में अस्पताल की स्थापना की गई। मूल रूप से मिर्जापुर जनपद के चुनार क्षेत्र स्थित निबी गांव निवासी डॉ. सिंह उत्तर प्रदेश सरकार के पशुपालन विभाग में निदेशक पद से सेवानिवृत्त होने के बाद स्वास्थ्य सेवा के क्षेत्र में सक्रिय हुए।
उन्होंने बताया कि कोरोना महामारी के दौरान अनेक लोगों को ऑक्सीजन, दवा और समय पर उपचार के अभाव में दम तोड़ते देखा। इसी अनुभव ने उनके मन में ऐसी स्वास्थ्य संस्था स्थापित करने की प्रेरणा दी, जहां लोगों को एक ही छत के नीचे विशेषज्ञ चिकित्सकों की सेवाएं उपलब्ध हो सकें।
कई जिलों के मरीज उठा रहे लाभ
डॉ. रामपाल सिंह ने बताया कि वर्तमान में अस्पताल में विभिन्न रोगों के विशेषज्ञ चिकित्सक नियमित रूप से सेवाएं दे रहे हैं। मिर्जापुर, सोनभद्र, चंदौली, वाराणसी, भदोही सहित आसपास के कई जनपदों से मरीज यहां उपचार के लिए पहुंच रहे हैं।
अस्पताल में अस्थि रोग विशेषज्ञ डॉ. पीयूष रंजन, न्यूरो विशेषज्ञ डॉ. अविनाश श्रीवास्तव, यूरोलॉजिस्ट डॉ. पी.के. केसरी, डॉ. संजय एवं डॉ. रोहित, मेडिसिन विशेषज्ञ डॉ. प्रेम शंकर, कार्डियक विशेषज्ञ डॉ. बालाजी लोहिया, क्रिटिकल केयर विशेषज्ञ डॉ. सुलक्षणा त्रिपाठी तथा एनेस्थीसिया विशेषज्ञ डॉ. अतुल सहित कई विशेषज्ञ चिकित्सक सेवाएं प्रदान कर रहे हैं।
दुर्घटना पीड़ितों को मिलती है त्वरित सहायता
उन्होंने बताया कि अस्पताल बाईपास मार्ग पर स्थित होने के कारण सड़क दुर्घटनाओं के मामले अक्सर आते रहते हैं। ऐसे मामलों में प्राथमिक उपचार निःशुल्क उपलब्ध कराया जाता है। आवश्यकता पड़ने पर अस्पताल की एंबुलेंस भेजकर घायलों को उपचार के लिए लाया जाता है और उनके परिजनों को सूचना दी जाती है।
जटिल सर्जरी से मिली नई जिंदगी
डॉ. रामपाल सिंह ने बताया कि दशरथ विश्वकर्मा नामक एक व्यक्ति गंभीर सड़क दुर्घटना में बुरी तरह घायल हो गए थे। दुर्घटना में उनका जबड़ा और चेहरा क्षतिग्रस्त हो गया था तथा सीने और पसलियों में भी गंभीर चोटें आई थीं। कई अस्पतालों में भटकने के बाद उन्हें अर्वाचीन हॉस्पिटल लाया गया।
यहां विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम ने विस्तृत जांच के बाद उनका उपचार शुरू किया। डॉ. सुलक्षणा त्रिपाठी, डॉ. पीयूष रंजन तथा मैक्सिलोफेशियल सर्जन की टीम ने जटिल सर्जरी कर उनके जबड़े और दांतों को सुरक्षित बचाने में सफलता प्राप्त की। मेडिसिन विभाग और नर्सिंग स्टाफ के समन्वित प्रयासों से मरीज को नया जीवन मिला और आज वह स्वस्थ होकर सामान्य जीवन व्यतीत कर रहे हैं।
चिकित्सा सेवा को समर्पित है अस्पताल
डॉ. रामपाल सिंह ने कहा कि उनका उद्देश्य केवल उपचार करना नहीं, बल्कि जरूरतमंदों तक समय पर और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाना है। उन्होंने कहा कि भविष्य में भी अस्पताल आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं के विस्तार के साथ जनसेवा के कार्यों को आगे बढ़ाता रहेगा।
