वाराणसी
ग्रामीण बेटियों को आत्मनिर्भर बना रहा उपकार नर्सिंग इंस्टीट्यूट
वर्ष 2017 में शुरू हुई संस्था, जीएनएम और एएनएम पाठ्यक्रमों से संवार रही भविष्य
प्रशिक्षित छात्राएं देश के प्रतिष्ठित अस्पतालों में दे रही हैं सेवाएं
पीडीडीयू नगर(वाराणसी)। उपकार नर्सिंग इंस्टीट्यूट की वाइस प्रिंसिपल शुभम सिंह ने बताया कि वर्ष 2017 में संस्था के निदेशक डॉ. एस.जे. पटेल द्वारा इस संस्थान की स्थापना की गई थी। इसका मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों एवं आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की बेटियों को नर्सिंग शिक्षा प्रदान कर उन्हें आत्मनिर्भर बनाना है।
उन्होंने बताया कि डॉ. एस.जे. पटेल एक सामाजिक सरोकारों से जुड़े व्यक्तित्व हैं और समय-समय पर विभिन्न सामाजिक गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी निभाते रहे हैं। उनकी सोच रही है कि समाज के अंतिम पायदान पर खड़ी बेटियां भी गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्राप्त कर अपने पैरों पर खड़ी हो सकें।
संघर्षों के बाद मिली सफलता
संस्था की उप निदेशक डॉ. ममता पटेल ने बताया कि लंबे संघर्ष और कठिन परिश्रम के बाद संस्थान आज इस मुकाम पर पहुंचा है। यहां जीएनएम और एएनएम पाठ्यक्रमों के माध्यम से छात्राओं को न केवल तकनीकी शिक्षा दी जाती है, बल्कि उन्हें आत्मनिर्भर बनने के लिए भी तैयार किया जाता है।
उन्होंने बताया कि प्रशिक्षण पूर्ण होने के बाद छात्राओं को संस्थान की ओर से इंटर्नशिप कराई जाती है तथा उन्हें देश के प्रतिष्ठित अस्पतालों में अनुभव प्राप्त करने का अवसर दिया जाता है। साथ ही सरकारी नौकरियों की प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए भी विशेष मार्गदर्शन उपलब्ध कराया जाता है।
अनुशासन, सुविधा और सुरक्षा पर विशेष ध्यान
संस्थान में छात्राओं के अनुशासन, सुरक्षा और सर्वांगीण विकास पर विशेष ध्यान दिया जाता है। छात्रावास में भोजन की समुचित व्यवस्था, निशुल्क पुस्तकालय सुविधा तथा अध्ययन के लिए अनुकूल वातावरण उपलब्ध कराया गया है।
आर्थिक रूप से कमजोर एवं दिव्यांग छात्राओं के लिए विशेष रियायतें भी प्रदान की जाती हैं, जिससे कोई भी छात्रा आर्थिक कारणों से शिक्षा से वंचित न रहे।
रैगिंग पर पूर्ण प्रतिबंध
संस्थान में रैगिंग के खिलाफ सख्त नीति लागू है। परिसर में कई स्थानों पर जागरूकता संबंधी बोर्ड लगाए गए हैं तथा छात्राओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए नियमित निगरानी की जाती है।
संस्थान में अध्यापन कार्य के लिए बीएचयू, एम्स, पीजीआई सहित प्रतिष्ठित संस्थानों से जुड़े उच्च शिक्षित एवं अनुभवी शिक्षकों की सेवाएं ली जाती हैं।
प्रतिष्ठित संस्थानों में सेवाएं दे रहे पूर्व छात्र
डॉ. ममता पटेल ने बताया कि यहां से शिक्षा प्राप्त कर चुके अनेक विद्यार्थी आज एम्स नई दिल्ली, एसजीपीजीआई लखनऊ, केजीएमयू लखनऊ, बीएचयू अस्पताल तथा विभिन्न प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में नर्सिंग ऑफिसर और अन्य पदों पर कार्यरत हैं। उनकी उपलब्धियां संस्थान का नाम रोशन कर रही हैं।
उन्होंने बताया कि छात्रवृत्ति की सुविधा पात्रता एवं वर्ग के अनुसार उपलब्ध कराई जाती है, जिसके अंतर्गत फीस में 50 प्रतिशत तक की छूट दी जाती है। साथ ही छात्राओं को सरकारी योजनाओं और डिजिटल शिक्षा से जोड़ने के लिए टैबलेट वितरण जैसी सुविधाएं भी प्रदान की जाती हैं।
