बलिया
संघर्ष और समर्पण की मिसाल रहे स्व. पी.एन. तिवारी
भाजपा संगठन को मजबूत करने में निभाई अहम भूमिका, 2004 में चंद्रशेखर के खिलाफ लड़ा था लोकसभा चुनाव
पुत्र शशांक शेखर त्रिपाठी आगे बढ़ा रहे जनसेवा और सामाजिक विरासत
बलिया। भाजपा के वरिष्ठ नेता एवं संगठन के मजबूत स्तंभ रहे स्व. पी.एन. तिवारी का राजनीतिक जीवन संघर्ष, समर्पण और जनसेवा का पर्याय माना जाता है। उन्होंने उस दौर में भाजपा की विचारधारा को गांव-गांव तक पहुंचाने का कार्य किया, जब उत्तर प्रदेश में पार्टी संगठन विस्तार के दौर से गुजर रही थी।
वर्ष 1995 में उन्होंने बांसडीह विधानसभा सीट से भाजपा प्रत्याशी के रूप में चुनाव लड़ते हुए मजबूत राजनीतिक उपस्थिति दर्ज कराई। संगठनात्मक क्षमता और सक्रिय नेतृत्व के चलते उन्हें लगातार दो बार भाजपा के बलिया जिला अध्यक्ष का दायित्व सौंपा गया।
स्व. पी.एन. तिवारी के राजनीतिक जीवन का महत्वपूर्ण अध्याय वर्ष 2004 का लोकसभा चुनाव रहा, जब उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री स्व. चंद्रशेखर के विरुद्ध भाजपा प्रत्याशी के रूप में चुनाव मैदान में उतरकर अपनी राजनीतिक प्रतिबद्धता का परिचय दिया।
सादगी, कार्यकर्ताओं के प्रति आत्मीय व्यवहार और जनसेवा के लिए समर्पित व्यक्तित्व के कारण स्व. तिवारी आज भी क्षेत्र के लोगों के बीच सम्मानपूर्वक याद किए जाते हैं। उनकी सामाजिक एवं राजनीतिक विरासत को उनके पुत्र शशांक शेखर त्रिपाठी जनसंपर्क और सेवा कार्यों के माध्यम से आगे बढ़ा रहे हैं।
