गोरखपुर
शेयर मार्केट निवेश घोटाले में ₹1 करोड़ की संपत्ति कुर्क, संतकबीरनगर पुलिस की बड़ी कार्रवाई
निवेश के नाम पर करोड़ों की ठगी का आरोप, बीएनएसएस की धारा 107 के तहत पहली बड़ी कुर्की; चार आरोपी पहले ही जा चुके हैं जेल
निवेश घोटाले में बड़ी कार्रवाई
संतकबीरनगर। शेयर मार्केट में निवेश के नाम पर लोगों से करोड़ों रुपये की कथित ठगी करने वाले गिरोह के खिलाफ संतकबीरनगर पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए करीब ₹1 करोड़ मूल्य की संपत्ति कुर्क कर दी है। पुलिस के अनुसार यह कार्रवाई बीएनएसएस की धारा 107 के तहत जनपद की पहली और अब तक की सबसे बड़ी संपत्ति कुर्की है। कार्रवाई पुलिस अधीक्षक संदीप कुमार मीना के निर्देशन में थाना महुली और साइबर क्राइम थाना पुलिस ने की।
न्यायालय के आदेश पर प्लॉट किया गया कुर्क
पुलिस के मुताबिक विवेचना के दौरान मुख्य आरोपी धनंजय शुक्ला (कुशीनगर) और रजनी प्रजापति (छत्तीसगढ़) के स्वामित्व वाले लखनऊ के जेबी वैली गार्डन स्थित एक प्लॉट को न्यायालय के आदेश के अनुपालन में कुर्क कराया गया। पुलिस का दावा है कि करीब ₹65 लाख में खरीदे गए इस प्लॉट की वर्तमान बाजार कीमत लगभग ₹1 करोड़ है।
शेयर मार्केट में निवेश का दिया गया था झांसा
पुलिस के अनुसार मामले की शुरुआत 18 अक्टूबर 2025 को थाना महुली क्षेत्र के निवासी संतलाल मौर्य की शिकायत से हुई थी। शिकायत में आरोप लगाया गया कि कंपनी के संचालकों ने शेयर मार्केट में अधिक मुनाफे का लालच देकर उनसे ₹51 लाख का निवेश कराया, लेकिन निर्धारित समय के बाद कंपनी का कार्यालय बंद मिला और संचालक फरार हो गए।
15 से 20 करोड़ रुपये जुटाने का आरोप
विवेचना के दौरान बैंक खातों, डिजिटल डेटा और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों की जांच में पुलिस को कथित रूप से पता चला कि गिरोह ने विभिन्न जिलों के लोगों से ₹15 से ₹20 करोड़ जुटाए थे। पुलिस का दावा है कि निवेशकों की रकम शेयर बाजार में लगाने के बजाय पोंजी/पिरामिड मॉडल के जरिए नए निवेशकों के पैसे से पुराने निवेशकों को भुगतान किया जाता था।
चार आरोपी जेल, 4 करोड़ की संपत्ति भी रडार पर
पुलिस इस मामले में मुख्य आरोपी धनंजय शुक्ला और रजनी प्रजापति समेत चार आरोपियों को पहले ही गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है। इसके अलावा सह-अभियुक्त विक्रांत प्रकाश सिंह की करीब ₹4 करोड़ मूल्य की संपत्ति भी चिन्हित की गई है, जिसकी जब्ती और कुर्की के लिए न्यायालय में रिपोर्ट भेजी जा चुकी है। पुलिस का कहना है कि ठगी से अर्जित अवैध संपत्तियों के खिलाफ आगे भी सख्त कानूनी कार्रवाई जारी रहेगी।
