वाराणसी
वाराणसी एयरपोर्ट पर सीएनएस अधिकारियों का 21 सप्ताह का विशेष प्रशिक्षण शुरू
503 नवचयनित जूनियर एग्जीक्यूटिव (इलेक्ट्रॉनिक्स) को संचार, नेविगेशन और सर्विलांस प्रणाली का मिलेगा व्यावहारिक प्रशिक्षण
वाराणसी। लाल बहादुर शास्त्री अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (एएआई) की ओर से कनिष्ठ कार्यपालक (जूनियर एग्जीक्यूटिव-इलेक्ट्रॉनिक्स) प्रशिक्षुओं के लिए 21 सप्ताह के व्यापक प्रशिक्षण कार्यक्रम का बुधवार को शुभारंभ किया गया। कार्यक्रम का उद्घाटन एयरपोर्ट निदेशक पुनीत गुप्ता ने दीप प्रज्वलित कर किया।
भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण ने हाल ही में जूनियर एग्जीक्यूटिव (इलेक्ट्रॉनिक्स) के 503 पदों पर चयन किया है। इन नवचयनित अधिकारियों को देश के विभिन्न एयरपोर्टों एवं प्रशिक्षण केंद्रों पर चरणबद्ध तरीके से प्रशिक्षित किया जा रहा है। इसी क्रम में वाराणसी एयरपोर्ट को भी प्रशिक्षण केंद्र बनाया गया है, जहां विशेषज्ञों की निगरानी में 21 सप्ताह तक तकनीकी प्रशिक्षण दिया जाएगा।
प्रशिक्षण का उद्देश्य अधिकारियों को कम्युनिकेशन (Communication), नेविगेशन (Navigation) और सर्विलांस (Surveillance-CNS) प्रणालियों के संचालन, अनुरक्षण और तकनीकी दक्षता से परिचित कराना है। कार्यक्रम में सीएनएस विभाग के प्रभारी सहित एयरपोर्ट के सभी विभागाध्यक्ष उपस्थित रहे।
एयरपोर्ट निदेशक पुनीत गुप्ता ने कहा कि किसी भी एयरपोर्ट के सुरक्षित और निर्बाध संचालन में सीएनएस प्रणाली की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। उड़ानों का सुरक्षित संचालन, सटीक नेविगेशन, सुरक्षित लैंडिंग तथा हवाई यातायात प्रबंधन पूरी तरह इन प्रणालियों की दक्षता पर निर्भर करता है। उन्होंने कहा कि बढ़ते हवाई यातायात को देखते हुए तकनीकी रूप से दक्ष अधिकारियों की आवश्यकता लगातार बढ़ रही है।
सीएनएस विभाग के प्रभारी ने बताया कि प्रशिक्षण के दौरान आधुनिक रडार प्रणाली, एयर-टू-ग्राउंड संचार प्रणाली, नेविगेशन उपकरण, सर्विलांस सिस्टम तथा एयर ट्रैफिक मैनेजमेंट से जुड़े उपकरणों के संचालन, अनुरक्षण और तकनीकी समस्याओं के समाधान का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जाएगा। साथ ही प्रशिक्षुओं को विमानन क्षेत्र में उपयोग हो रही अत्याधुनिक तकनीकों से भी अवगत कराया जाएगा।
