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गाजीपुर

मोदी सरकार के 12 वर्षों में गाजीपुर ने विकास की नई ऊंचाइयां छुईं : रविंद्र जायसवाल

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‘सेवा, संस्कार, सुशासन एवं सम्मान’ थीम के तहत गिनाईं जनपद की प्रमुख उपलब्धियां

एक्सप्रेसवे, मेडिकल कॉलेज, जल जीवन मिशन और रोजगार योजनाओं से बदली जिले की तस्वीर

गाजीपुर। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार के 12 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर प्रदेश के प्रभारी मंत्री रविंद्र जायसवाल ने जनपद गाजीपुर में हुए विकास कार्यों और जनकल्याणकारी योजनाओं की उपलब्धियों का विवरण प्रस्तुत किया। उन्होंने कहा कि “सेवा, संस्कार, सुशासन एवं सम्मान” की भावना के साथ केंद्र सरकार ने बीते 12 वर्षों में गाजीपुर के विकास को नई गति प्रदान की है।

आधारभूत संरचना और कनेक्टिविटी को मिली मजबूती

23,349 करोड़ की लागत से 340.824 किलोमीटर लंबे पूर्वांचल एक्सप्रेसवे का निर्माण पूरा होने से गाजीपुर की राजधानी लखनऊ से सीधी और तेज कनेक्टिविटी स्थापित हुई। वहीं 3,647 करोड़ की लागत से वाराणसी-गोरखपुर फोरलेन हाईवे के निर्माण से जिले के 51 गांव सड़क नेटवर्क से सीधे जुड़ गए हैं। औद्योगिक विकास के लिए मुहम्मदाबाद तहसील में 180 हेक्टेयर भूमि पर इंडस्ट्रियल कॉरिडोर की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं।

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पेयजल और शहरी विकास में बड़े निवेश

जल जीवन मिशन के तहत ₹2,756.66 करोड़ की लागत से 2,196 गांवों में पेयजल योजनाओं पर कार्य चल रहा है, जिनमें 818 गांवों में कार्य पूर्ण हो चुका है। अमृत योजना से 21 हजार परिवारों को लाभ मिला है, जबकि अमृत 2.0 योजना के माध्यम से वर्ष 2027 तक 1.60 लाख लोगों को लाभ पहुंचाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

स्वास्थ्य सुविधाओं में ऐतिहासिक विस्तार

₹227.64 करोड़ की लागत से गाजीपुर मेडिकल कॉलेज का निर्माण पूरा किया गया है। इसके अतिरिक्त ₹29.66 करोड़ की लागत से नौ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों का निर्माण कराया गया। आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत 9.60 लाख से अधिक लाभार्थियों को स्वास्थ्य सुरक्षा का लाभ मिला है। वहीं ₹9.86 करोड़ की लागत से ड्रग वेयरहाउस का निर्माण भी पूरा किया गया है।

महिला सशक्तिकरण और सामाजिक सुरक्षा को बढ़ावा

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निराश्रित महिला पेंशन योजना के तहत 68,216 महिलाओं को पेंशन का लाभ मिल रहा है। मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना से 32,806 बालिकाएं लाभान्वित हुई हैं। प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना के तहत 13,410 महिलाओं को आर्थिक सहायता प्रदान की गई है।

आवास, रोजगार और स्वरोजगार पर विशेष फोकस

प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत 80,519 तथा मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत 15,139 आवासों का निर्माण कराया गया है। प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) से 10,964 परिवारों को आवास उपलब्ध कराए गए हैं। पीएम स्वनिधि योजना से 10,222 रेहड़ी-पटरी व्यवसायियों को लाभ मिला है।

मनरेगा के तहत 639.98 लाख मानव दिवस सृजित कर 1.75 लाख से अधिक परिवारों को रोजगार उपलब्ध कराया गया, जिनमें लगभग 48 प्रतिशत महिलाएं शामिल हैं। रोजगार मेलों के माध्यम से 30,651 युवाओं को रोजगार प्राप्त हुआ है।

उद्योग और उद्यमिता को मिला प्रोत्साहन

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मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना, युवा उद्यमी विकास योजना, विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना और ओडीओपी योजना के माध्यम से हजारों युवाओं और कारीगरों को आर्थिक सहायता एवं प्रशिक्षण उपलब्ध कराया गया। जनपद में ₹3,230 करोड़ से अधिक के 283 एमओयू हस्ताक्षरित हुए हैं, जिनमें अनेक परियोजनाएं क्रियान्वयन के चरण में हैं।

शिक्षा और डिजिटल सशक्तिकरण में उल्लेखनीय उपलब्धि

जनपद के 1,81,259 मेधावी विद्यार्थियों को टैबलेट और स्मार्टफोन वितरित किए गए। नौ कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों में नए अकादमिक ब्लॉक एवं छात्रावास बनाए गए, जबकि ₹20.38 करोड़ की लागत से तीन आईटीआई कॉलेजों का निर्माण कराया गया।

प्रमुख निर्माण परियोजनाओं से बदली विकास की तस्वीर

गाजीपुर सीवरेज योजना, जमानियां के कंकड़हवां घाट सेतु, 21 एमएलडी एसटीपी, विकास भवन ऑडिटोरियम, नगर पेयजल पुनर्गठन योजना, नंदगंज-तरांव रेल ओवरब्रिज तथा कटान निरोधक परियोजनाओं सहित कई महत्वपूर्ण परियोजनाएं पूर्ण हो चुकी हैं या प्रगति पर हैं।

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प्रभारी मंत्री रविंद्र जायसवाल ने कहा कि इन योजनाओं और परियोजनाओं के माध्यम से गाजीपुर में आधारभूत संरचना, स्वास्थ्य, शिक्षा, रोजगार, पेयजल, महिला सशक्तिकरण, आवास और औद्योगिक विकास के क्षेत्र में व्यापक परिवर्तन देखने को मिला है, जिससे जिले की विकास यात्रा को नई दिशा मिली है।

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