आजमगढ़
महाराजा सुहेलदेव विश्वविद्यालय 15 जून को मनाएगा 5वां स्थापना दिवस
आजमगढ़। पूर्वांचल में उच्च शिक्षा, शोध, नवाचार एवं शैक्षणिक उत्कृष्टता के प्रमुख केंद्र के रूप में स्थापित महाराजा सुहेलदेव विश्वविद्यालय अपनी गौरवशाली यात्रा के पांच वर्ष पूर्ण होने पर 15 जून को भव्य 5वां स्थापना दिवस समारोह आयोजित करेगा। विश्वविद्यालय परिसर स्थित सेमिनार हॉल, फैसिलिटी सेंटर में आयोजित होने वाला यह कार्यक्रम संस्थान की उपलब्धियों,
विकास यात्रा और भावी संकल्पों का उत्सव बनेगा।
समारोह की मुख्य अतिथि काशी नरेश राजकीय विश्वविद्यालय, ज्ञानपुर (भदोही) की कुलपति प्रो. उमा श्रीवास्तव होंगी। उनकी उपस्थिति विद्यार्थियों, शिक्षकों और कर्मचारियों के लिए प्रेरणादायी होगी।
उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा 5 अगस्त 2019 को स्थापित महाराजा सुहेलदेव विश्वविद्यालय ने वर्ष 2021-22 से शैक्षणिक गतिविधियों का संचालन प्रारंभ किया था। अल्प समय में ही विश्वविद्यालय ने पूर्वांचल के प्रमुख उच्च शिक्षण संस्थानों में अपनी विशिष्ट पहचान बनाई है। वर्तमान में विश्वविद्यालय से 400 से अधिक महाविद्यालय संबद्ध हैं तथा लाखों विद्यार्थी विभिन्न
पाठ्यक्रमों में अध्ययनरत हैं।
विश्वविद्यालय में स्नातक, स्नातकोत्तर, विधि, कृषि, शिक्षा, प्रबंधन, विज्ञान, वाणिज्य, कला और शोध स्तर के 38 से अधिक पाठ्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं। डिजिटल मूल्यांकन, शोध, नवाचार, स्टार्टअप संस्कृति और उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए विश्वविद्यालय ने उल्लेखनीय पहल की है।
आधुनिक स्मार्ट कक्षाएं, समृद्ध पुस्तकालय, खेल सुविधाएं, संगीत भवन तथा शोध एवं नवाचार केंद्र विश्वविद्यालय की प्रमुख उपलब्धियों में शामिल हैं। भारतीय ज्ञान परंपरा और साहित्यिक शोध को बढ़ावा देने के लिए स्थापित रांगेय राघव शोधपीठ भी संस्थान की विशेष पहचान बन चुकी है।
स्थापना दिवस समारोह वीर शिरोमणि महाराजा सुहेलदेव की गौरवगाथा को नमन करने का अवसर भी होगा। कार्यक्रम में दीप प्रज्ज्वलन, कुलगीत, सांस्कृतिक प्रस्तुतियां, विश्वविद्यालय की उपलब्धियों पर आधारित प्रदर्शनी, उत्कृष्ट विद्यार्थियों एवं कर्मचारियों का सम्मान तथा इतिहास, संस्कृति और राष्ट्रनिर्माण विषयक विशेष व्याख्यान आयोजित किए जाएंगे।
कुलपति प्रो. संजीव कुमार ने कहा कि विश्वविद्यालय केवल डिग्री प्रदान करने वाला संस्थान नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण, सामाजिक उत्तरदायित्व और मानवीय मूल्यों के विकास का केंद्र है। उन्होंने कहा कि महाराजा सुहेलदेव के आदर्श युवाओं को साहस, नेतृत्व, संघर्ष और जनसेवा की प्रेरणा प्रदान करते हैं।
विश्वविद्यालय प्रशासन ने शिक्षकों, कर्मचारियों, छात्र-छात्राओं, पूर्व छात्रों, शिक्षाविदों एवं समाज के विभिन्न वर्गों के नागरिकों से समारोह में सहभागिता कर कार्यक्रम की गरिमा बढ़ाने की अपील की है।
