गाजीपुर
बहरियाबाद में पल्स पोलियो अभियान का शुभारंभ
घर-घर जाकर बच्चों को पिलाई जा रही ‘दो बूंद जिंदगी की’, 0 से 5 वर्ष के बच्चों पर विशेष फोकस
गाजीपुर।बहरियाबाद क्षेत्र में रविवार से पल्स पोलियो अभियान की शुरुआत की गई। अभियान के तहत आराजी कस्बा, स्वाद, चक फरीद, कबीरपुर सहित दर्जनों गांवों में 0 से 5 वर्ष आयु वर्ग के बच्चों को पोलियो की खुराक पिलाई जा रही है। स्वास्थ्य विभाग की टीमें और आशा कार्यकर्ता घर-घर जाकर यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि कोई भी बच्चा पोलियो की दवा से वंचित न रहे।

आशा कार्यकर्ता निभा रही हैं अहम भूमिका
अभियान में आशा कार्यकर्ता सरवरी खातून, नासिरा खातून, सुनीता, तारा देवी, सुषमा, मीरा और सीमा चौहान सहित अन्य स्वास्थ्यकर्मी सक्रिय रूप से भाग ले रही हैं। वे गांव-गांव और घर-घर जाकर बच्चों को पोलियो की खुराक पिला रही हैं तथा अभिभावकों को टीकाकरण के प्रति जागरूक भी कर रही हैं।
‘दो बूंद जिंदगी की’ से पोलियो उन्मूलन का संकल्प
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, पल्स पोलियो अभियान का उद्देश्य प्रत्येक बच्चे तक पोलियो की खुराक पहुंचाकर इस बीमारी के वायरस के संक्रमण की श्रृंखला को पूरी तरह समाप्त करना है। भारत में इस अभियान की शुरुआत वर्ष 1995 में की गई थी और इसके बाद से लगातार व्यापक स्तर पर टीकाकरण अभियान चलाए जा रहे हैं।
कोई भी बच्चा न छूटे, इसके लिए विशेष व्यवस्था
अभियान के तहत गांवों, स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों पर पोलियो बूथ बनाए गए हैं। वहीं जो बच्चे बूथ तक नहीं पहुंच पाते, उनके लिए स्वास्थ्य विभाग की टीमें घर-घर जाकर दवा पिला रही हैं। रेलवे स्टेशन, बस अड्डों, बाजारों और अन्य भीड़भाड़ वाले स्थानों पर भी विशेष टीमें तैनात की गई हैं, ताकि कोई भी बच्चा पोलियो की खुराक से वंचित न रह जाए।
जनसहयोग से ही अभियान होगा सफल
स्वास्थ्य विभाग ने अभिभावकों से अपील की है कि वे 0 से 5 वर्ष तक के सभी बच्चों को पोलियो की खुराक अवश्य पिलाएं। अधिकारियों ने कहा कि पल्स पोलियो अभियान केवल स्वास्थ्य कार्यक्रम नहीं, बल्कि स्वस्थ और सुरक्षित भविष्य के निर्माण का एक राष्ट्रीय जनआंदोलन है।
