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वाराणसी

बरेका में छ: दिवसीय चिकित्सा प्रबंधन सूचना प्रणाली प्रशिक्षण कार्यक्रम का समापन

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बरेका महाप्रबंधक अंजली गोयल के दिशा-निर्देशन में तथा प्रमुख मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा० देवेश कुमार के कुशल नेतृत्व में आज केन्द्रीय चि‍कित्सालय, बरेका में छ: दिवसीय चिकित्सा प्रबंधन सूचना प्रणाली प्रशिक्षण कार्यक्रम का सफलतापूर्वक समापन किया गया । इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में चिकित्सालय के 10 चिकित्साधिकारी व सहायक नर्सिंग अधिकारी, 37 नर्सिंग स्टा्फ, 17 फार्मासिस्ट, 9 लैब स्टाफ, 3 एक्स्-रे स्टाफ, 9 कार्यालय स्टाफ तथा 2 रजिस्ट्रेशन काउंटर पर कार्यरत सहायकों को इस विषय पर प्रशिक्षण दिया गया । आयुष्मान भारत के अंतर्गत बरेका में भी उपचार सुविधा प्रदान करने के उद्देश्य से प्रशिक्षण कार्यक्रम के अंतिम दिन मंडल चिकित्सा अधिकारी डा० एस. के. मौर्या तथा मंडल चिकित्सा अधिकारी डा० तन्म‍य आनन्द द्वारा आयुष्मान भारत हेल्थ एकाउण्ट आईडी (ABHA ID) के जनरेशन पर तथा आयुष्मा्न भारत डिजिटल मिशन (ABDM) पर प्रशिक्षण दिया गया ।
कार्यक्रम समापन के अवसर पर प्र.मु.चि.अ. डा० देवेश कुमार ने बताया कि इस प्रशिक्षण के उपरान्त कोई भी रेलवे उम्मीद कार्ड धारक कर्मचारी या उनके परिजन आनलाइन तरीके से किसी भी चिकित्सक से एप्वाइन्टमेंट ले सकेंगे जिससे कतार मे लगे बिना संबंधित डॉक्टर से परामर्श ले सकेंगे जिससे समय मे काफी बचत होगी और एवं चिकित्सक द्वारा सभी लिखे गए जांच की रिपोर्ट मोबाइल एप द्वारा उन्हें आनलाइन उपलब्ध रहेगी जिसे वे कहीं भी बिना किसी कागज के किसी चिकित्सएक को दिखाकर समुचित उपचार करा सकेंगे । चिकित्सक बिना पर्ची लिखे हुए आनलाइन विधि से दवा लिख सकेंगे, जो फार्मासिस्ट द्वारा बिना पर्ची के रोगी को दवा उपलब्ध करा दी जाएगी । भर्ती करने के लिए, डिस्चािर्ज होने के लिए तथा किसी भी इमपैनल्ड चिकित्सालय में रेफरल के लिए अब उन्हें आनलाइन सुविधा मिल सकेगी, ताकि वे बिना किसी पेपर के ये सुविधायें आसानी से ले सकें ।

इस प्रणाली द्वारा रेलवे चिकित्सालय में उपचार शीघ्र ही शुरू हो जाएगा एवं रोगी को भारत में किसी भी चिकित्सालय में उपचार लेने के लिए सुविधा मिल सकेगी जिसमे प्रशिक्षित चिकित्साकर्मी अपनी सेवाएं प्रदान करेंगे। इस कार्यक्रम में चिकित्साकर्मियों को रजिस्ट्रेशन एंड ओपीडी माड्यूल, आइपीडी एंड नर्सिंग माड्यूल, इनवेन्टंरी एंड लोकल परचेज, सीक-फिट, रेफरल, बिलिंग एंड मोबाइल एप, सभी विषय पर प्रशिक्षण दिया गया है ताकि आनलाइन प्रणाली से पेपरलेस तरीके से इन सभी कार्यों का निपटारा किया जा सके जो नये भारत के सपनों को साकार कर सके ।

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अखिल भारतीय HMIS सिस्टपम द्वारा उपचार करने के लिए चिकित्सालय के सभी चिकित्सकाधिकारी एवं संबंधित पैरामेडिकल स्टाफ के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया । जिसके तहत नये साफ्टवेयर के संचालन एवं उपचार हेतु विभिन्न् माड्यूल जैसे- रजिस्ट्रेशन, ओपीडी, आईपीडी, फार्मेसी, सीक-फिट, बिलिंग, ओटी, इत्या्दि के समुचित संचालन के लिए प्रशिक्षण दिया जाना शुरू किया गया । बरेका केन्द्रींय चिकित्साेलय में PAN India HMIS के नए साफ्टवेयर के विभिन्न माड्यूल के क्रियान्वयन हेतु प्रशिक्षण का आयोजन दिनांक 07.02.2022 से एक सप्ताह हेतु किया गया है । जिससे बरेका के लाभार्थियों को बेहतर चिकित्सा सेवाएं प्रदान की जाएगी ।
भारतीय रेलवे द्वारा डिजिटल इंडिया के अंतर्गत पूरे भारत में यूनिफार्म डिजिटल सिस्टम द्वारा सभी रेलकर्मी एवं उनके आश्रितों को नये HMIS सिस्टन द्वारा चिकित्सा‍ सुविधा दी जाएगी । जिससे मरीजों का रिकार्ड इलेक्ट्रानिक तरह से सिस्टम पर उपलब्ध रहेगा, जिसे रेलवे के किसी भी अस्पताल द्वारा देखा जा सकता है एवं भविष्य में इसे प्राइवेट एवं अन्य सरकारी अस्पतालों में किए गए उपचार का विवरण भी आसानी से एक ही सिस्टम पर देखा जा सकेगा । HMIS एप पर रोगियों को मोबाइल ऐप्स के माध्यम से पेपर लेस तरीके से समस्त रिकार्ड उपलब्ध रहेगा । इस दिशा में बरेका द्वारा लगभग सभी कर्मचारी एवं उनके आश्रितों को UMID कार्ड दिया जा चुका है तथा चिकित्सालय में इससे सभी संबंधित हार्डवेयर एवं साफ्टवेयर की भी व्यवस्था कर ली गई है । प्रशिक्षण प्राप्त कर, सभी कर्मचारी यह सुविधा उपलब्ध कराने में तकनीकी रूप से सक्षम हो जाएंगे ।

इसी कड़ी में जन संपर्क अधिकारी राजेश कुमार ने अपने उद्बोधन में उम्मीद कार्ड से मिलने वाली सुविधाओं के बारे में विस्तारपूर्वक जानकारी देते हुये बताया कि उम्मीाद कार्ड धारक भारत में स्थित किसी भी रेलवे चिकित्साकलय में इमरजेंसी सुविधा ले सकेंगे । जिसके लिए उन्हेंस न तो रेफरल की आवश्यसकता होगी और न ही रेलवे द्वारा क्रेडिट-डेबिट करने हेतु किसी एथारिटी की आवश्यफकता होगी एवं भारत में किसी भी इमरजेंसी चिकित्सारलय में आनलाइन रेफरल की सुविधा ले सकेंगे । इसके लिए उन्हेंा अपने साथ किसी फिजिकल रिकार्ड को ले जाने की भी आवश्क ता नहीं होगी, क्योंउकि उनकी बीमारी से संबंधित सारे रिकार्ड प्रणाली पर उपलब्धल होंगे तथा उपचार कर रहे चिकित्स।क एक ही प्रणाली पर उनका रिपोर्ट देख सकेंगे । इस प्रणाली को आयुष्माहन भारत तथा डिजिटल हेल्थ‍ इंडिया से भी लिंक कर दिया गया है, ताकि रोगी के उपचार संबंधी सभी जानकारियॉं आनलाइन सिस्ट‍म पर उपलब्धभ रह सकेंगी । इसके अलावा अलग से भी मोबाइल एप द्वारा भी चिकित्ससक एवं रोगी को सुविधाएं उपलब्ध रहेगी ।
इसी क्रम में कर्मचारी परिषद के सदस्य नवीन सिन्हाप ने इसकी सुविधाओं और लाभ के बारे में विस्तृत रूप से बताया और साथ ही यह भी बताया कि नए सिस्टम से हो सकता है कर्मचारियों को शुरुआती दौर में समस्याए आयें तो ऐसी स्थिति में यहाँ प्रशिक्षण प्राप्त कर चुके चिकित्सक एवं पैरा-मेडिकल स्टाफ लाभार्थियों को इसकी सुविधाओं के प्रति जागरूक कर उम्मीद, आयुष्मान भारत एवं डिजिटल हेल्थ इंडिया प्रणाली से जोड़ने का प्रयास करना होगा I इस कार्यक्रम में चिकित्सा् अधिकारी डा० सुनील कुमार, डा० पी०आर० ठाकुर, डा० एस.के. शर्मा, डा० मधुलिका सिंह, डा० एस.के. मौर्या व सहा. नर्सिंग अधिकारी श्रीमती गीता कुमारी चौधरी के अतिरिक्ता चिकित्सा्लय के नर्सिंग, फार्मेसी तथा लैब स्टाेफ सम्मिलित हुए साथ ही अन्य पिछड़ा वर्ग एसोशिएशन के महासचिव हरि शंकर यादव भी उपस्थित रहें एवं सभी रेलकर्मियों को UMID कार्ड बनवाकर डिजिटल तरीके से सुविधा लेने हेतु प्रेरित किया ।

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