बलिया
नौरंगा पर गहराया गंगा कटान का संकट, धन की कमी के दावे पर उठे सवाल
कटानरोधी कार्यों को लेकर सियासत तेज, करोड़ों के भुगतान और पारदर्शिता पर सवाल
ग्रामीणों ने जताई चिंता, विभाग की कार्यप्रणाली की जांच और त्वरित कार्रवाई की उठी मांग
बलिया। बैरिया क्षेत्र के नौरंगा गांव में गंगा कटान का खतरा लगातार बढ़ता जा रहा है। कटान रोकने के लिए ठोकर (स्पर) निर्माण हेतु धनराशि उपलब्ध न होने संबंधी बाढ़ विभाग के अधिशासी अभियंता के कथित बयान के बाद मामला राजनीतिक और प्रशासनिक बहस का विषय बन गया है।

भाजपा जिला उपाध्यक्ष सुरेंद्र सिंह ने बाढ़ विभाग पर कटानरोधी कार्यों में करोड़ों रुपये के भुगतान के बावजूद पारदर्शिता नहीं बरतने का आरोप लगाया। उनका कहना है कि सूचना के अधिकार (आरटीआई) के तहत मांगी गई जानकारी भी उपलब्ध नहीं कराई गई। उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदारी तय करने की मांग की।
वहीं, समाजवादी पार्टी के विधायक जयप्रकाश अंचल ने मुख्यमंत्री से नौरंगा को गंगा कटान से बचाने के लिए तत्काल प्रभावी कदम उठाने की मांग की। उनका आरोप है कि कटानरोधी कार्य पर्याप्त नहीं हैं और इनमें अनावश्यक विलंब किया जा रहा है।
स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि हर वर्ष गंगा कटान से खेत, मकान और सड़कें नदी में समा रही हैं। उनका आरोप है कि करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद स्थायी समाधान नहीं निकल पाया है, जिससे लोगों में चिंता और असंतोष बढ़ रहा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि कटान की समस्या के समाधान के लिए वैज्ञानिक अध्ययन, मजबूत इंजीनियरिंग तकनीक और समयबद्ध निर्माण कार्य आवश्यक हैं, ताकि दीर्घकालिक राहत मिल सके।
