गोरखपुर
नदियों के जलस्तर पर रखें कड़ी नजर, तटबंधों की सतत निगरानी करें: एडीएम वित्त
मलौनी बांध और बाढ़ चौकियों का निरीक्षण, आपदा से निपटने की तैयारियों का लिया जायजा
राहत केंद्रों की सूची तैयार करने और ग्राम स्तर पर समन्वय मजबूत करने के दिए निर्देश
गोरखपुर। अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) एवं प्रभारी अधिकारी (आपदा) जय प्रकाश ने शनिवार को 30.400 किलोमीटर लंबे मलौनी बांध के 0.00 से 17.400 किलोमीटर तक का निरीक्षण कर बाढ़ सुरक्षा व्यवस्थाओं की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने तटबंधों की सतत निगरानी, बाढ़ रोधी संसाधनों की उपलब्धता और आपदा प्रबंधन की तैयारियों का जायजा लेते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए।
बाढ़ सुरक्षा संसाधनों का किया निरीक्षण
निरीक्षण के दौरान एडीएम ने मलौनी बांध के किलोमीटर 10.100 पर स्थित नदूआ स्टोर का निरीक्षण किया। यहां नायलॉन क्रेट, गेबियन, ड्रम, जियो बैग और एचडीपीई बैग सहित बाढ़ सुरक्षा से जुड़े संसाधनों की उपलब्धता की जांच की गई, जो पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध पाए गए।
सुरक्षात्मक कार्यों की गुणवत्ता परखी
उन्होंने वर्ष 2025 में कराए गए स्टोन पिचिंग, लॉन्चिंग एप्रन, जीआई वायर क्रेट और स्टोन बोल्डर से जुड़े कार्यों का भी निरीक्षण किया। इसके अलावा तटबंध के किमी 15.75 से 16.06 तथा बखरिया रिंग बांध पर कराए गए कटर लॉन्चिंग एप्रन, स्टोन पिचिंग और पर्क्यूपाइन निर्माण कार्यों की भी समीक्षा की।
तटबंधों की निगरानी के दिए निर्देश
एडीएम ने अवर अभियंताओं और कर्मचारियों को निर्देश दिया कि नदियों के बढ़ते और घटते जलस्तर पर लगातार नजर रखें। जहां भी तटबंध पर किसी प्रकार की समस्या दिखाई दे, वहां तत्काल आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए, ताकि बाढ़ से होने वाले संभावित नुकसान को रोका जा सके।
राहत केंद्रों की सूची तैयार करने के निर्देश
प्रभारी अधिकारी (आपदा) ने तटबंध से प्रभावित क्षेत्रों के सरकारी एवं गैर-सरकारी विद्यालयों, शादी घरों और अन्य सार्वजनिक भवनों की सूची तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आपात स्थिति में इन भवनों का उपयोग राहत केंद्र के रूप में किया जा सकेगा।
बाढ़ चौकियों पर समन्वय बढ़ाने पर जोर
एडीएम ने खीरवनिया और सेमरा देवी प्रसाद स्थित बाढ़ चौकियों का भी निरीक्षण किया। उन्होंने लेखपालों और संबंधित कर्मचारियों को गांवों में उपलब्ध नावों का भौतिक सत्यापन करने तथा उनकी उपयोगिता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही बाढ़ चौकियों के माध्यम से ग्राम स्तर पर समन्वय स्थापित कर किसी भी समस्या का तत्काल समाधान सुनिश्चित करने को कहा।
ये अधिकारी रहे मौजूद
निरीक्षण के दौरान गौतम गुप्ता (जिला आपदा विशेषज्ञ), विवेक चौहान (अवर अभियंता), संबंधित क्षेत्र के लेखपाल, राजस्व निरीक्षक तथा अन्य कर्मचारी उपस्थित रहे।
