गाजीपुर
नगर पालिका के संविदा सफाईकर्मी का शव खेत में मिलने से सनसनी
मुहम्मदाबाद में 17 वर्षों से कार्यरत गुड्डू रावत की संदिग्ध मौत, निष्पक्ष जांच की उठी मांग
पालिका कर्मचारियों ने एसडीएम व सीओ को सौंपा ज्ञापन, पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता की भी मांग
मुहम्मदाबाद (गाजीपुर)। नगर पालिका परिषद मुहम्मदाबाद में लगभग 17 वर्षों से संविदा सफाईकर्मी के रूप में कार्यरत गुड्डू रावत (50 वर्ष) का शव रविवार को शैवटोला पकड़ी के समीप एक खेत में मिलने से क्षेत्र में सनसनी फैल गई। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय लोगों की भीड़ मौके पर जुट गई, जबकि परिजनों में कोहराम मच गया।
मृतक गुड्डू रावत स्वर्गीय हरदेव रावत के पुत्र थे। वे मूल रूप से ग्राम सेमरा, कोतवाली मुहम्मदाबाद के निवासी थे और वर्तमान में बहोरनपाह देहाती (बड़की बारी) में परिवार के साथ रह रहे थे। वह नगर पालिका परिषद में पिछले करीब 17 वर्षों से संविदा सफाईकर्मी के पद पर कार्यरत थे।

घटना की जानकारी मिलते ही उनकी पत्नी रीना रावत का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। मृतक अपने पीछे चार पुत्र—रंजित (21), कृष्णा (19), गुलशन (17) और मिसिर (15) को छोड़ गए हैं। उनकी दो पुत्रियों का विवाह पहले ही हो चुका है।
सूचना पर पहुंची कोतवाली पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण कर आवश्यक साक्ष्य जुटाए। विधिक कार्रवाई पूरी करने के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए जिला चिकित्सालय गाजीपुर भेज दिया गया। पुलिस और फोरेंसिक टीम मामले के सभी पहलुओं की जांच कर रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के बाद ही मौत के कारणों की स्पष्ट जानकारी सामने आएगी।

घटना के बाद नगर पालिका परिषद मुहम्मदाबाद के अध्यक्ष रईस अहमद तथा पालिका कर्मचारी संगठन के अध्यक्ष प्रमोद राय, उपाध्यक्ष जिऊत रावत, महामंत्री प्रकाश रावत, जैनुद्दीन, जमालुद्दीन सहित अन्य पदाधिकारियों ने संयुक्त रूप से उपजिलाधिकारी डॉ. हर्षिता तिवारी एवं क्षेत्राधिकारी सुधाकर पांडे को ज्ञापन सौंपकर पूरे मामले की निष्पक्ष एवं गहन जांच की मांग की। प्रतिनिधिमंडल ने दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई तथा पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने की भी मांग की।

उपजिलाधिकारी डॉ. हर्षिता तिवारी एवं क्षेत्राधिकारी सुधाकर पांडे ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त किया कि मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाएगी तथा जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर विधिसम्मत कार्रवाई की जाएगी। साथ ही पीड़ित परिवार को शासन की ओर से उपलब्ध हर संभव सहायता दिलाने का प्रयास किया जाएगा।
घटना के बाद नगर पालिका कर्मचारियों और क्षेत्रवासियों में शोक के साथ आक्रोश का माहौल है। लोगों ने प्रशासन से मामले का शीघ्र खुलासा कर दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की मांग की है।
