गाजीपुर
देवा से निकली किसान-मजदूर-नवजवान-महिला चेतना पदयात्रा, समान शिक्षा व्यवस्था की मांग बुलंद
स्वामी सहजानंद सरस्वती की जन्मस्थली से शुरू हुई पदयात्रा, 18 जून को कर्मला पहुंचेगी
गाजीपुर। स्वामी सहजानंद सरस्वती और राहुल सांकृत्यायन की विचारधारा से प्रेरित किसान-मजदूर-नवजवान-महिला चेतना पदयात्रा मंगलवार सुबह स्वामी सहजानंद सरस्वती की जन्मस्थली देवा से प्रारंभ हुई। ग्रीन पार्टी तथा विभिन्न किसान, सामाजिक एवं जन संगठनों के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित यह पदयात्रा 18 जून को आजमगढ़ जनपद के कर्मला गांव पहुंचेगी, जो राहुल सांकृत्यायन की जन्मभूमि के रूप में प्रसिद्ध है।
समान शिक्षा व्यवस्था के समर्थन में गूंजे नारे
पदयात्रा के दौरान प्रतिभागियों ने “चाहे अमीर की हो या गरीब की संतान, सबकी शिक्षा हो समान” का नारा बुलंद किया। वक्ताओं ने कहा कि शिक्षा सामाजिक समानता और विकास का सबसे महत्वपूर्ण आधार है, लेकिन वर्तमान व्यवस्था में आर्थिक और सामाजिक विषमताएं शिक्षा के क्षेत्र में भी स्पष्ट दिखाई देती हैं। इसलिए देश और प्रदेश में समान शिक्षा प्रणाली लागू की जानी चाहिए।
हाईकोर्ट के निर्णय को लागू करने की मांग
यात्रा में शामिल वक्ताओं ने वर्ष 2015 में इलाहाबाद हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति सुधीर अग्रवाल द्वारा दिए गए निर्णय को लागू करने की मांग की। उन्होंने कहा कि सरकारी वेतन और अन्य सरकारी सुविधाएं प्राप्त करने वाले व्यक्तियों के बच्चों की शिक्षा सरकारी विद्यालयों में अनिवार्य किए जाने संबंधी आदेश को प्रभावी रूप से लागू किया जाना चाहिए।
विभिन्न जनहित मुद्दों पर किया गया जनजागरण
पदयात्रा के दौरान निजी शिक्षण संस्थानों के राष्ट्रीयकरण, सरकारी विद्यालयों को बंद किए जाने पर रोक, निजी कोचिंग संस्थानों पर नियंत्रण, छात्रवृत्ति एवं छात्रावास की बेहतर व्यवस्था, निशुल्क पुस्तकालय और खेल मैदान की उपलब्धता, रोजगार के अधिकार को मौलिक अधिकार बनाने तथा पूर्ण शराबबंदी जैसे मुद्दों को लेकर लोगों को जागरूक किया गया।
विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधि रहे शामिल
पदयात्रा में राजीव यादव, वीरेन्द्र यादव, एडवोकेट विनोद यादव, हीरालाल यादव, राजशेखर, सत्यम प्रजापति, नजमुस साकिब, कवि राजनाथ यादव, अरविंद राय, मदन मोहन पाण्डेय, दीपक यादव, शिवानंद यादव तथा समाजसेवी नीरज यादव सहित अनेक किसान, मजदूर और सामाजिक कार्यकर्ता शामिल रहे।
कई संगठनों का मिला समर्थन
इस जनजागरण पदयात्रा को सोशलिस्ट किसान सभा, जन आंदोलनों का राष्ट्रीय समन्वय, पूर्वांचल किसान यूनियन, सामाजिक न्याय मंच, सोशलिस्ट पार्टी (इंडिया) तथा ग्रीन पार्टी सहित विभिन्न संगठनों का समर्थन प्राप्त है। आयोजकों का कहना है कि पदयात्रा के माध्यम से शिक्षा, रोजगार और सामाजिक न्याय से जुड़े मुद्दों को जन-जन तक पहुंचाया जाएगा।
