वाराणसी
तालाब पट्टा कराकर अवैध कब्जे का आरोप, ग्रामीणों ने एसडीएम को सौंपा ज्ञापन
करखियाव गांव के ग्रामीणों का तहसील परिसर में प्रदर्शन, पट्टा प्रक्रिया रद्द करने की मांग
जांच के आदेश, नायब तहसीलदार को दी गई जिम्मेदारी
पिंडरा (वाराणसी)। मत्स्य पालन के लिए तालाब पट्टा आवंटन को लेकर करखियाव गांव में विवाद गहराता जा रहा है। मंगलवार को आक्रोशित ग्रामीणों ने तहसील परिसर में प्रदर्शन करते हुए आवंटन प्रक्रिया रद्द करने की मांग की और उपजिलाधिकारी (एसडीएम) को ज्ञापन सौंपा।
ग्रामीणों का आरोप है कि तहसील क्षेत्र के करखियाव स्थित तालाब खाता आराजी संख्या 521 के कुछ कथित लोगों द्वारा मिलीभगत कर मत्स्य पालन के लिए पट्टा आवंटन की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है। ग्रामीणों ने इसे अवैध कब्जे की कोशिश बताते हुए कड़ा विरोध दर्ज कराया।
सार्वजनिक सुविधाओं पर खतरे का आरोप
ग्रामीणों का कहना है कि उक्त तालाब के आसपास मंदिर, प्राथमिक विद्यालय, जच्चा-बच्चा केंद्र और पशु चिकित्सालय स्थित हैं। इसके अलावा गर्मी के मौसम में पशु भी इसी तालाब का पानी पीते हैं।
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि कुछ दबंग लोग तालाब को पाटकर कब्जा करने की नीयत से पट्टा करा रहे हैं। उनका कहना है कि यदि इस प्रक्रिया को नहीं रोका गया तो सार्वजनिक उपयोग की यह महत्वपूर्ण जल संरचना प्रभावित हो जाएगी।
प्रशासन ने दिए जांच के आदेश
प्रदर्शन के दौरान ग्रामीणों की शिकायत सुनने के बाद एसडीएम ने मामले को गंभीरता से लेते हुए नायब तहसीलदार कोलअसला को जांच कर आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
प्रदर्शन में शामिल रहे कई लोग
इस दौरान पूर्व बार अध्यक्ष शिवपूजन सिंह, अश्वनी सिंह, शैलेन्द्र सिंह मीनू, सुरेंद्र सिंह, उमेश सिंह, अमित सिंह, अरुण सिंह, राजन सिंह, ऋषिकेश सिंह, सत्यप्रकाश, धीरज राय, विकास रघुवंशी, महेंद्र प्रसाद यादव, चुनमुन गोंड, मंजू राम, श्यामबिहारी राजभर, पूर्व प्रधान बबिता सिंह तथा वर्तमान प्रधान शशिकपूर कन्नौजिया सहित दर्जनों ग्रामीण मौजूद रहे।
