गोरखपुर
गोरखपुर में भाजपा पार्षद ज्ञानती देवी का चुनाव निरस्त
शपथ पत्र में महत्वपूर्ण तथ्य छिपाने का मामला, एडीजे कोर्ट ने निर्वाचन को किया शून्य घोषित
गोरखपुर। गोरखपुर नगर निगम के वार्ड संख्या-43 (शाहपुर) की भाजपा पार्षद ज्ञानती देवी का निर्वाचन अदालत ने निरस्त कर दिया है। एडीजे फास्ट ट्रैक कोर्ट (महिलाओं के विरुद्ध अपराध) ने चुनाव याचिका स्वीकार करते हुए माना कि नामांकन के दौरान दाखिल शपथ पत्र में महत्वपूर्ण तथ्यों को छिपाया गया था। अदालत ने आदेश की प्रति जिला निर्वाचन अधिकारी को आवश्यक कार्रवाई के लिए भेज दी है।
यह मामला वर्ष 2023 के नगर निकाय चुनाव से जुड़ा है। महिला आरक्षित वार्ड संख्या-43 से भाजपा समर्थित प्रत्याशी के रूप में चुनाव जीतने वाली ज्ञानती देवी के निर्वाचन को आम आदमी पार्टी की प्रत्याशी अर्चना शुक्ला ने अदालत में चुनौती दी थी।
याचिका में आरोप लगाया गया था कि ज्ञानती देवी ने प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत आवंटित आवास, 3000 वर्ग फीट से अधिक भूमि की खरीद तथा वर्ष 2021 में देवरिया के बरहज क्षेत्र से ग्राम प्रधान का चुनाव लड़ने और मतदाता सूची में नाम दर्ज होने जैसी महत्वपूर्ण जानकारियों का शपथ पत्र में उल्लेख नहीं किया।
सुनवाई के दौरान नामांकन और चुनाव चिन्ह से जुड़े नामों में अंतर का मुद्दा भी उठा। अदालत ने प्रस्तुत साक्ष्यों और अभिलेखों के आधार पर उत्तर प्रदेश नगर निगम अधिनियम की धारा 71 की उपधारा (b) एवं (d)(i) के तहत ज्ञानती देवी का निर्वाचन शून्य एवं अवैध घोषित कर दिया।
जिला निर्वाचन अधिकारी दीपक मीणा ने बताया कि न्यायालय के आदेश का परीक्षण किया जा रहा है और उसके अनुरूप आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
