गोरखपुर
गोरखपुर के सिपाही अभिषेक सिंह की जौनपुर में मौत, गांव में पसरा सन्नाट
गोरखपुर। जौनपुर में उत्तर प्रदेश पुलिस में तैनात युवा सिपाही अभिषेक सिंह की असमय मौत की खबर से महुआपार गांव में मातम पसरा है। रविवार रात मौत की सूचना पैतृक गांव पहुंचते ही परिवार में कोहराम मच गया। सोमवार रात करीब नौ बजे पोस्टमार्टम के बाद अभिषेक का पार्थिव शरीर महुआपार पहुंचा।

अंतिम दर्शन के लिए उमड़े ग्रामीण
पार्थिव शरीर गांव पहुंचने की जानकारी मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण और आसपास के लोग अंतिम दर्शन के लिए जुट गए। बेटे का शव देखते ही मां और अन्य परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। गमगीन माहौल में पार्थिव शरीर को कालेसर स्थित मोक्षधाम ले जाया गया, जहां पिता धर्मेंद्र सिंह ने बेटे को मुखाग्नि दी।
परिवार के प्रति जिम्मेदार थे अभिषेक
अभिषेक अपने पिता के तीन बच्चों में दूसरे नंबर पर थे। परिजनों के अनुसार वह परिवार के प्रति बेहद जिम्मेदार थे। उनकी बड़ी बहन अंकिता सिंह की शादी वर्ष 2027 में तय थी और अभिषेक शादी की तैयारियों में भी जिम्मेदारी निभा रहे थे।
परिवार का मजबूत सहारा थे
अभिषेक के पिता किसान हैं और बुकिंग पर कार चलाकर परिवार की आजीविका भी चलाते हैं। छोटा भाई शिवांग सिंह स्नातक की पढ़ाई कर रहा है। पुलिस की नौकरी से अभिषेक परिवार को आर्थिक सहारा देने के साथ भावनात्मक रूप से भी परिवार की मजबूत कड़ी थे।
प्रतियोगी परीक्षाओं की भी कर रहे थे तैयारी
परिजनों के अनुसार अभिषेक नौकरी के साथ भविष्य में आगे बढ़ने के लिए प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी भी कर रहे थे। परिवार का कहना है कि उनके व्यवहार और दिनचर्या से किसी मानसिक परेशानी का अंदेशा नहीं हुआ था।
मौत की वजह को लेकर उठे सवाल
अभिषेक की मौत की वास्तविक वजह को लेकर सवाल उठ रहे हैं। घटना की सूचना के बाद स्थानीय पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। पुलिस विभिन्न पहलुओं को ध्यान में रखते हुए मामले की पड़ताल कर रही है और जरूरत के अनुसार निगरानी तंत्र समेत अन्य माध्यमों की मदद ली जा रही है।
जांच के बाद स्पष्ट होगी वास्तविक स्थिति
अब परिवार और ग्रामीणों की निगाहें पुलिस की जांच पर टिकी हैं। जांच पूरी होने के बाद ही अभिषेक की मौत की वास्तविक परिस्थितियों और कारणों की तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी।
