गोरखपुर
गोरखपुर की दो प्रमुख सड़क परियोजनाओं का मंडलायुक्त ने किया निरीक्षण
असुरन-चारफाटक फोर लेन और गोरखनाथ मार्ग चौड़ीकरण कार्य में तेजी लाने के निर्देश
30 जून तक बाधाएं हटाने और सड़क को मोटरेबल बनाने की चेतावनी, लापरवाही पर होगी सख्त कार्रवाई
गोरखपुर। मंडलायुक्त अनिल ढींगरा ने जिलाधिकारी दीपक मीणा के साथ लोक निर्माण विभाग, निर्माण खंड-3 द्वारा संचालित दो महत्वपूर्ण सड़क परियोजनाओं का स्थलीय निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने कार्यों की प्रगति की समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों और ठेकेदारों को निर्धारित समय सीमा में कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए।
पानी की टंकी और मंदिर की शिफ्टिंग में देरी पर जताई नाराजगी
निरीक्षण के दौरान असुरन-चारफाटक फोर लेन चौड़ीकरण परियोजना का जायजा लिया गया। मंडलायुक्त ने पाया कि कौवाबाग के पास स्थित पानी की टंकी अभी तक ध्वस्त नहीं की गई है तथा सड़क के बीच स्थित मंदिर का स्थानांतरण भी नहीं हो सका है। इस पर नाराजगी व्यक्त करते हुए उन्होंने हर हाल में 30 जून से पहले दोनों कार्य पूर्ण कराने के निर्देश दिए।
पुरानी चौकी को ध्वस्त करने का निर्देश
इसी मार्ग पर निर्मित नई कौवाबाग पुलिस चौकी का भी निरीक्षण किया गया। मंडलायुक्त ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि दो दिनों के भीतर पूरी पुलिस चौकी को नए भवन में स्थानांतरित कर पुरानी चौकी को ध्वस्त कराया जाए, ताकि सड़क चौड़ीकरण कार्य में कोई बाधा न रहे।
ठेकेदार को चेतावनी, दिन-रात कार्य करने के निर्देश
इसके बाद एच.एन. सिंह चौराहे से हड़हवा फाटक होते हुए गोरखनाथ थाने तक चल रहे सड़क चौड़ीकरण कार्य का निरीक्षण किया गया। मौके पर कार्य जारी मिला, लेकिन पिछले एक माह पूर्व किए गए निरीक्षण की तुलना में प्रगति अपेक्षित नहीं पाई गई। इस पर मंडलायुक्त ने ठेकेदार को चेतावनी देते हुए कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए।
नाला निर्माण में सुरक्षा मानकों का पालन जरूरी
मंडलायुक्त ने अधिशासी अभियंता एवं सहायक अभियंता, निर्माण खंड-3, लोक निर्माण विभाग को निर्देशित किया कि दिन-रात कार्य कर बरसात शुरू होने से पहले सड़क को पूरी तरह मोटरेबल बनाया जाए। उन्होंने नाला निर्माण कार्य को भी सुरक्षा मानकों का पालन करते हुए युद्ध स्तर पर पूरा करने के निर्देश दिए।
अभियंताओं और ठेकेदार पर गिरेगी गाज
मंडलायुक्त अनिल ढींगरा ने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि 30 जून 2026 तक दिए गए निर्देशों का अनुपालन नहीं किया गया तो संबंधित अभियंताओं और ठेकेदार के विरुद्ध सख्त प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि जनहित से जुड़ी परियोजनाओं में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
