गोरखपुर
कूटरचित दस्तावेज के सहारे नौकरी पाने वाले शिक्षक पर मुकदमा दर्ज, शिक्षा विभाग में हड़कंप
सहजनवा, गोरखपुर। शिक्षा विभाग में फर्जी दस्तावेजों के सहारे नौकरी हासिल करने का एक गंभीर मामला सामने आया है। पाली ब्लॉक के प्राथमिक विद्यालय पनिका में तैनात एक शिक्षक के खिलाफ जालसाजी, कूटरचना और धोखाधड़ी समेत विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। यह कार्रवाई खंड शिक्षा अधिकारी (बीईओ) कुंवर विक्रम पांडेय की शिकायत पर की गई है।
2009 की भर्ती से जुड़ा है मामला
मिली जानकारी के अनुसार यह मामला वर्ष 2009 की शिक्षक भर्ती प्रक्रिया से जुड़ा हुआ है। संतकबीरनगर जनपद के खलीलाबाद थाना क्षेत्र के बंजरिया वार्ड नंबर 12 निवासी सुनील कुमार भर्ती प्रक्रिया के दौरान चयनित हुए थे। नियुक्ति के बाद उनकी पहली तैनाती बस्ती जिले के रुधौली क्षेत्र में हुई थी।
वर्ष 2016 में पदोन्नति मिलने के बाद उनका स्थानांतरण गोरखपुर जिले के पाली ब्लॉक स्थित प्राथमिक विद्यालय पनिका में कर दिया गया।
हमनाम शिक्षक के दस्तावेजों के इस्तेमाल का आरोप
बताया जा रहा है कि नियुक्ति के दौरान आरोपी शिक्षक ने फतेहपुर जिले के हथगांम ब्लॉक के प्राथमिक विद्यालय गडरियन में कार्यरत अपने हमनाम शिक्षक सुनील कुमार के दस्तावेजों का उपयोग किया। यह फर्जीवाड़ा लंबे समय तक विभागीय जांच से बचा रहा।
सत्यापन में सामने आया फर्जीवाड़ा
हाल ही में पैन कार्ड और अन्य अभिलेखों के सत्यापन के दौरान दस्तावेजों में गड़बड़ी सामने आई। जांच में पाया गया कि नौकरी के लिए प्रस्तुत किए गए दस्तावेज वास्तविक नहीं थे और उनमें दूसरे व्यक्ति की जानकारी का उपयोग किया गया था।
विभागीय जांच के बाद मुकदमा दर्ज
खंड शिक्षा अधिकारी की तहरीर पर पुलिस ने जालसाजी, कूटरचित दस्तावेज तैयार करने और धोखाधड़ी से सरकारी नौकरी प्राप्त करने के आरोप में मुकदमा दर्ज कर लिया है। मामले की विस्तृत जांच पुलिस और विभागीय स्तर पर जारी है।
शिक्षा विभाग में मचा हड़कंप
घटना सामने आने के बाद शिक्षा विभाग में हड़कंप मच गया है। सवाल उठ रहे हैं कि आखिर इतने वर्षों तक फर्जी दस्तावेजों के आधार पर नौकरी करने वाला व्यक्ति विभागीय जांच से कैसे बचता रहा।
जांच के दायरे में अन्य जिम्मेदार
अब यह भी संभावना जताई जा रही है कि मामले में अन्य जिम्मेदार लोगों की भूमिका की भी जांच की जा सकती है।
