Connect with us

गाजीपुर

आसमान से बरस रही आग, भीषण गर्मी से जनजीवन बेहाल

Published

on

Loading...
Loading...

मानसून की देरी से किसान चिंतित, बुवाई पर मंडराया संकट

बढ़ते तापमान और लू के कारण लोगों व पशु-पक्षियों की मुश्किलें बढ़ीं, स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने बरतने को कहा विशेष सावधानी

गाजीपुर क्षेत्र में भीषण गर्मी और लू का प्रकोप लगातार जारी है। समय पर मानसून नहीं पहुंचने से किसानों के सामने गंभीर संकट खड़ा हो गया है। खेतों में फसलों की बुवाई प्रभावित होने लगी है, जिससे किसानों के चेहरे पर चिंता साफ दिखाई दे रही है। दूसरी ओर आसमान से बरसती आग और बढ़ते तापमान ने आम जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया है।

भीषण गर्मी के कारण लोग दिन के समय घरों में रहने को मजबूर हैं। राहगीर सुबह और शाम के समय ही जरूरी कार्य निपटाने की कोशिश कर रहे हैं। मौसम की बेरुखी का असर केवल इंसानों पर ही नहीं, बल्कि पशु-पक्षियों पर भी साफ दिखाई दे रहा है। तालाबों और जलस्रोतों का पानी सूखने से पशुओं को पानी के लिए भटकना पड़ रहा है।

लू और गर्मी जनित बीमारियों का बढ़ा खतरा

स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार अत्यधिक तापमान के कारण शरीर का प्राकृतिक कूलिंग सिस्टम प्रभावित हो सकता है। लू लगने पर सिरदर्द, चक्कर आना, त्वचा का लाल और सूखा होना, अत्यधिक थकान तथा बेहोशी जैसे लक्षण दिखाई दे सकते हैं। इसके अलावा शरीर से अधिक मात्रा में पानी और नमक निकल जाने से कमजोरी, उल्टी, जी मिचलाना और मांसपेशियों में ऐंठन की समस्या भी हो सकती है।

Advertisement

गर्मी के मौसम में घमौरियां निकलना भी आम समस्या है। त्वचा पर छोटे-छोटे लाल दाने, खुजली और जलन लोगों को परेशान कर रही है। वहीं शरीर में पानी की कमी होने पर चक्कर आना, गाढ़ा पीला पेशाब और कमजोरी महसूस होना जैसे लक्षण सामने आते हैं।

बचाव के लिए अपनाएं ये उपाय

विशेषज्ञों ने लोगों को गर्मी और लू से बचाव के लिए नियमित रूप से पानी पीने की सलाह दी है। प्यास न लगने पर भी समय-समय पर पानी का सेवन करना लाभदायक माना गया है। नींबू पानी, ओआरएस घोल, छाछ, लस्सी, नारियल पानी और कच्चे आम का पन्ना शरीर में इलेक्ट्रोलाइट्स की कमी को पूरा करने में सहायक होते हैं।

इसके अलावा भारी, तैलीय और अधिक मसालेदार भोजन से बचने तथा तरबूज, खरबूजा, खीरा और ककड़ी जैसे पानी से भरपूर फलों का नियमित सेवन करने की सलाह दी गई है।

समय पर बारिश की उम्मीद में किसान

क्षेत्र के किसान अब मानसून की जल्द दस्तक का इंतजार कर रहे हैं। उनका कहना है कि यदि जल्द बारिश नहीं हुई तो खरीफ फसलों की बुवाई प्रभावित हो सकती है, जिससे कृषि उत्पादन पर प्रतिकूल असर पड़ने की आशंका है। किसानों और आम लोगों की निगाहें अब आसमान की ओर टिकी हुई हैं।

Advertisement

Copyright © 2024 Jaidesh News. Created By Hoodaa

You cannot copy content of this page