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गाजीपुर

आरबीएसके की पहल से दो बच्चों को मिला नया जीवन

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जन्मजात गंभीर बीमारियों की पहचान कर सफल सर्जरी कराई गई

सादात (गाजीपुर)। राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (आरबीएसके) के तहत स्वास्थ्य विभाग की टीम ने क्षेत्र में बड़ी सफलता हासिल की है। प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. पंकज सिंह के मार्गदर्शन में की गई कार्रवाई के दौरान जन्मजात गंभीर बीमारियों से जूझ रहे दो बच्चों की पहचान कर उनका सफल उपचार कराया गया।

आरबीएसके टीम ने की समय पर पहचान

आरबीएसके की विशेष टीम में डॉ. प्रियंका यादव, डॉ. आनंद पाण्डेय, डॉ. एस.पी. राय, डॉ. क्रितिका चौबे (सभी चिकित्सक) तथा फार्मासिस्ट खुशी साहू शामिल थीं। टीम ने क्षेत्रीय निरीक्षण के दौरान दोनों बच्चों की स्थिति को चिन्हित किया।

क्लब फुट और क्लीफ्ट लिप से जूझ रहे थे बच्चे

ग्राम सरसौली निवासी रानी देवी की 6 वर्षीय पुत्री प्रज्ञा जन्मजात क्लब फुट (टेढ़े पैर) की समस्या से पीड़ित थी।

वहीं सादात निवासी विजय सिंह कुशवाहा और रानी कुशवाहा के 5 माह के पुत्र वीर सिंह जन्म से ही क्लीफ्ट लिप एंड पैलेट (कटा होठ एवं तालू) की गंभीर समस्या से ग्रस्त थे।

सरकारी सहायता से सफल उपचार

पहचान के बाद दोनों बच्चों को उच्च स्तरीय इलाज के लिए जिला अस्पताल गाजीपुर एवं वाराणसी के हेरिटेज अस्पताल में भेजा गया, जहां उनकी सफल सर्जरी की गई। उपचार के बाद बच्चों के स्वास्थ्य में सुधार हुआ और परिजनों ने राहत की सांस ली।

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योजना का उद्देश्य: हर बच्चे को मिले उपचार

प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. पंकज सिंह ने बताया कि आरबीएसके का उद्देश्य 0 से 18 वर्ष तक के बच्चों में जन्मजात दोषों, बीमारियों और विकास संबंधी समस्याओं की समय पर पहचान कर मुफ्त उपचार उपलब्ध कराना है। उन्होंने कहा कि आर्थिक कारणों से कोई भी बच्चा इलाज से वंचित न रहे, यही इस योजना का मूल लक्ष्य है।

परिजनों ने जताया आभार

सफल सर्जरी के बाद बच्चों के परिजनों ने स्वास्थ्य विभाग, डॉक्टरों और सरकार की इस योजना के प्रति आभार व्यक्त किया।

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