गोरखपुर
आयुर्वेदिक उपचार से स्वास्थ्य लाभ का दावा, पंडित राजेंद्रनाथ त्रिपाठी ने साझा किया अनुभव
गोरखपुर। राष्ट्रीय अध्यक्ष पंडित राजेंद्रनाथ त्रिपाठी ने अपने स्वास्थ्य से जुड़े अनुभव को साझा करते हुए आयुर्वेदिक उपचार से लाभ मिलने का दावा किया है। उनके अनुसार कुछ समय पहले ‘प्रबुद्ध जागरण यात्रा’ के दौरान अचानक तबीयत खराब होने के कारण यात्रा को बीच में रोकना पड़ा था।
हीमोग्लोबिन और प्लेटलेट्स कम होने का दावा
त्रिपाठी के अनुसार उस दौरान उनकी तबीयत काफी खराब थी और जांच में हीमोग्लोबिन 7.8 तथा प्लेटलेट्स कम पाए गए थे। उन्होंने बताया कि इस स्थिति के बाद उन्होंने गोरखपुर के बड़हलगंज क्षेत्र के सांउखोर निवासी वैद्य आलोक तिवारी से आयुर्वेदिक उपचार लिया।
15 दिन में सुधार का दावा
साझा किए गए अनुभव के अनुसार, आयुर्वेदिक दवाओं के सेवन के करीब 15 दिनों बाद उनका हीमोग्लोबिन 12.8 और प्लेटलेट्स 1,49,000 तक पहुंच गया। उन्होंने करीब एक महीने में स्वास्थ्य में काफी सुधार होने का भी दावा किया है।
अनुभव के आधार पर आयुर्वेद पर भरोसे की अपील
पंडित राजेंद्रनाथ त्रिपाठी ने अपने अनुभव को साझा करते हुए लोगों से आयुर्वेदिक चिकित्सा पद्धति के बारे में जानकारी लेने की अपील की है। उन्होंने कहा कि उपचार से लाभ मिलने के बाद उन्होंने यह जानकारी समाज के साथ साझा की।
इलाज से पहले चिकित्सकीय सलाह जरूरी
हालांकि, किसी गंभीर बीमारी या खून से संबंधित समस्या में केवल इस व्यक्तिगत अनुभव के आधार पर उपचार का निर्णय नहीं लिया जाना चाहिए। हीमोग्लोबिन या प्लेटलेट्स में कमी के अलग-अलग कारण हो सकते हैं और उपचार बीमारी के कारण पर निर्भर करता है। ऐसे मामलों में योग्य चिकित्सक से जांच और सलाह लेना जरूरी है।
व्यक्तिगत अनुभव को चिकित्सकीय प्रमाण न माना जाए
त्रिपाठी द्वारा बताए गए स्वास्थ्य सुधार को उनके व्यक्तिगत अनुभव और दावे के रूप में देखा जाना चाहिए। इस अनुभव से यह निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता कि वही उपचार हर व्यक्ति या हर बीमारी में समान रूप से प्रभावी होगा।
