वाराणसी
आठवीं मोहर्रम पर निकलेगा कदीम तुर्बत व अलम का जुलूस
पारंपरिक श्रद्धा और अकीदत के साथ निकलेगा जुलूस, शहनाई पर पेश होगा गम का नज़राना
चाहमामा से शुरू होकर शहर के विभिन्न मार्गों से गुजरेगा जुलूस
वाराणसी। चाहमामा स्थित ख्वाजा नब्बू साहब के इमामबाड़े से आठवीं मोहर्रम का कदीम तुर्बत व अलम का जुलूस मंगलवार को पारंपरिक श्रद्धा और अकीदत के साथ निकाला जाएगा। जुलूस को लेकर अकीदतमंदों में विशेष उत्साह देखा जा रहा है।
कार्यक्रम संयोजक सैयद मुनाज़िर हुसैन ‘मंजू’ ने बताया कि जुलूस से पूर्व आयोजित मजलिस को अब्बास मूर्तज़ा शम्सी खिताब करेंगे। इसके पश्चात लियाकत अली खां एवं उनके साथी सवारी पढ़ेंगे।
इन मार्गों से गुजरेगा जुलूस
जुलूस चाहमामा से प्रारंभ होकर दालमंडी स्थित हकीम साहब के अज़ाख़ाने पहुंचेगा, जहां से अंजुमन हैदरी चौक बनारस द्वारा नौहाख्वानी का सिलसिला शुरू किया जाएगा।
इसके बाद जुलूस दालमंडी, खजुर वाली मस्जिद, नई सड़क, फाटक शेख सलीम, काली महल, पितरकुंड और मुस्लिम स्कूल होते हुए लल्लापुरा स्थित फ़ातमान पहुंचेगा।
शहनाई की धुनों पर पेश होगा गम का नज़राना
जुलूस में उस्ताद फतेह अली खां और उनके साथी शहनाई की मधुर धुनों के माध्यम से शहादत की याद में गम और अकीदत का नज़राना पेश करेंगे। शहनाई की विशेष प्रस्तुति जुलूस का प्रमुख आकर्षण रहेगी।
बड़ी संख्या में शामिल होंगे अकीदतमंद
फ़ातमान से लौटते समय जुलूस मुस्लिम स्कूल, लाहंगपुरा, रांगे की ताज़िया, औरंगाबाद, नई सड़क कपड़ा मंडी, कोदई चौकी, सर्राफा बाजार, टेढ़ी नीम, बांस फाटक, कोतवालपुरा, कुंजीगर टोला, चौक, दालमंडी और चाहमामा होते हुए पुनः इमामबाड़े में संपन्न होगा।
आयोजकों के अनुसार जुलूस में बड़ी संख्या में अकीदतमंदों के शामिल होने की संभावना है। मोहर्रम की परंपराओं के अनुरूप मातम, नौहाख्वानी और श्रद्धांजलि के विभिन्न कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे।
