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वाराणसी

अमृत सरोवरों के किनारे फिर महकेगा बनारसी लंगड़ा, जीआई आम के संरक्षण का विशेष अभियान

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394 अमृत सरोवरों पर लगाए जाएंगे हजारों पौधे, अमृत सखियां करेंगी देखभाल

वाराणसी। काशी की पहचान और जीआई टैग प्राप्त बनारसी लंगड़ा आम की मूल प्रजाति के संरक्षण के लिए प्रशासन ने विशेष अभियान शुरू करने का निर्णय लिया है। पौधरोपण महाभियान-2026 के तहत जिले के सभी 394 अमृत सरोवरों के किनारे बनारसी लंगड़ा आम के पौधे लगाए जाएंगे। इस पहल का उद्देश्य हरित क्षेत्र का विस्तार करने के साथ-साथ काशी की इस ऐतिहासिक धरोहर को संरक्षित करना है।

मुख्य विकास अधिकारी प्रखर कुमार सिंह ने बताया कि प्रत्येक अमृत सरोवर पर औसतन 20 बनारसी लंगड़ा आम के पौधे रोपे जाएंगे। इस प्रकार जिले में हजारों पौधों का रोपण कर इस दुर्लभ और विशिष्ट प्रजाति के संरक्षण का व्यापक अभियान चलाया जाएगा।

अमृत सखियों को सौंपी जाएगी जिम्मेदारी

अभियान के तहत पौधों की देखभाल और संरक्षण की जिम्मेदारी अमृत सखियों को दी जाएगी। उन्हें सिंचाई, सुरक्षा, छंटाई और रखरखाव का तकनीकी प्रशिक्षण भी दिया जाएगा, ताकि पौधों की बेहतर वृद्धि और संरक्षण सुनिश्चित हो सके। प्रशासन का मानना है कि महिलाओं की सक्रिय भागीदारी से पौधों की नियमित निगरानी और जीवित रहने की संभावना बढ़ेगी।

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संकट में है बनारसी लंगड़ा की मूल प्रजाति

एक समय काशी की पहचान रहे बनारसी लंगड़ा आम के बाग लगातार सिमटते जा रहे हैं। शहरीकरण, बागों के घटते क्षेत्रफल और मूल पौधों के संरक्षण की कमी के कारण इसकी असली प्रजाति संकट में है। विशेषज्ञों के अनुसार वाराणसी में अब मूल बनारसी लंगड़ा आम के पेड़ों की संख्या काफी कम रह गई है, जिससे इसकी विशिष्ट गुणवत्ता और पहचान पर भी खतरा मंडरा रहा है।

तैयार किए गए 15 हजार असली पौधे

मूल प्रजाति को संरक्षित करने के लिए प्रशासन ने करीब 15 हजार असली बनारसी लंगड़ा आम के पौधे तैयार किए हैं। इन्हें चरणबद्ध तरीके से अमृत सरोवरों, सार्वजनिक स्थलों और अन्य उपयुक्त स्थानों पर लगाया जाएगा, ताकि भविष्य में इस प्रजाति का विस्तार सुनिश्चित किया जा सके।

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पर्यावरण संरक्षण के साथ विरासत का संवर्धन

प्रशासन का मानना है कि यह अभियान पर्यावरण संरक्षण और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण—दोनों उद्देश्यों को पूरा करेगा। बड़े पैमाने पर पौधरोपण से हरित क्षेत्र और जैव विविधता को बढ़ावा मिलेगा, वहीं जीआई टैग प्राप्त बनारसी लंगड़ा आम की मूल प्रजाति को भी नई पहचान और संरक्षण मिलेगा।

काशी की धरोहर को मिलेगा नया जीवन

अपनी मिठास, सुगंध और विशिष्ट स्वाद के लिए देश-विदेश में प्रसिद्ध बनारसी लंगड़ा आम काशी की पहचान माना जाता है। पौधरोपण महाभियान के जरिए शुरू किया जा रहा यह अभियान आने वाले वर्षों में इस ऐतिहासिक धरोहर को संरक्षित करने और नई पीढ़ी तक पहुंचाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।

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