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गाजीपुर

अंतर्राष्ट्रीय बाल श्रम निषेध दिवस पर जागरूकता कार्यशाला आयोजित

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बाल श्रम उन्मूलन के लिए सभी विभागों और समाज के संयुक्त प्रयासों पर जोर

संयुक्त टीम ने दो प्रतिष्ठानों पर चार किशोर श्रमिकों का किया चिह्नांकन, बाजारों में चलाया जागरूकता अभियान

गाजीपुर। अंतर्राष्ट्रीय बाल श्रम निषेध दिवस के अवसर पर विकास खंड सदर स्थित ब्लॉक सभागार में सहायक श्रम आयुक्त कार्यालय के तत्वावधान में बाल श्रम उन्मूलन, बच्चों के शिक्षा एवं संरक्षण के अधिकार तथा बाल एवं किशोर श्रम (प्रतिषेध एवं विनियमन) अधिनियम विषयक जन-जागरूकता कार्यशाला का आयोजन किया गया।

कार्यक्रम का शुभारंभ सहायक श्रम आयुक्त अभिषेक सिंह ने अधिकारियों, उद्योग प्रतिनिधियों, व्यापारिक एवं श्रमिक संगठनों तथा स्वयंसेवी संस्थाओं के प्रतिनिधियों का स्वागत कर किया। उन्होंने कहा कि बाल श्रम समाज के समग्र विकास में बड़ी बाधा है और प्रत्येक बच्चे को शिक्षा, सुरक्षा तथा सम्मानजनक बचपन उपलब्ध कराना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।

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कार्यशाला में बाल श्रम (प्रतिषेध एवं विनियमन) अधिनियम, किशोर न्याय अधिनियम एवं शिक्षा के अधिकार से जुड़े कानूनी प्रावधानों की जानकारी दी गई। साथ ही बाल श्रम उन्मूलन अभियान को प्रभावी बनाने, विद्यालय से बाहर बच्चों की पहचान, पुनर्वास, बचाव एवं पुनर्स्थापन तथा विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय पर विस्तृत चर्चा हुई।

सहायक श्रम आयुक्त ने बताया कि संशोधित बाल एवं किशोर श्रम (प्रतिषेध एवं विनियमन) अधिनियम-2016 के तहत 14 वर्ष से कम आयु के बच्चों से किसी भी व्यवसाय, दुकान, प्रतिष्ठान या फैक्ट्री में कार्य कराना पूर्णतः प्रतिबंधित है। उल्लंघन करने पर छह माह से दो वर्ष तक की सजा तथा 20 हजार से 50 हजार रुपये तक जुर्माने का प्रावधान है। बार-बार अपराध करने पर सजा और जुर्माना बढ़ाया जा सकता है।

कार्यक्रम में जिला ईंट निर्माता समिति, जिला व्यापार मंडल, भारतीय मजदूर संघ, चाइल्ड लाइन, रोजा संस्था, जन ग्रामीण विकास संस्थान, जनसेवा प्रशिक्षण संस्थान, औद्योगिक प्रतिष्ठानों के प्रतिनिधियों, श्रम विभाग एवं एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट सहित विभिन्न विभागों और स्वयंसेवी संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने सहभागिता की।

समापन अवसर पर अभिषेक सिंह ने सभी प्रतिभागियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि बाल श्रम उन्मूलन केवल सरकारी प्रयासों से संभव नहीं है, बल्कि इसके लिए समाज के सभी वर्गों की सक्रिय भागीदारी आवश्यक है। उन्होंने लोगों से अपील की कि कहीं भी बाल श्रम या बच्चों के शोषण की सूचना मिलने पर तत्काल चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 या श्रम विभाग को सूचित करें।

इसी क्रम में श्रम विभाग एवं एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट की संयुक्त टीम ने जनपद के हॉट-स्पॉट क्षेत्रों में अभियान चलाकर दो प्रतिष्ठानों पर कार्यरत चार किशोर श्रमिकों का चिह्नांकन किया तथा संबंधित प्रतिष्ठानों के विरुद्ध निरीक्षण टिप्पणी जारी की। इसके अलावा बाजारों में व्यापक जन-जागरूकता अभियान भी चलाया गया।

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