वाराणसी
IIT BHU में बीटेक छात्रों को इंडस्ट्री आधारित रिसर्च का मौका
वाराणसी। IIT BHU में अब बीटेक के छात्र पढ़ाई के साथ-साथ उद्योगों की जरूरतों के अनुरूप शोध कार्य भी कर सकेंगे। इसके लिए संस्थान को एक करोड़ रुपये का फंड प्राप्त हुआ है, जिसके जरिए छात्रों को प्रयोगशालाओं के साथ वर्कशॉप में भी काम करने का अवसर मिलेगा।
इस पहल के तहत छात्र उद्योगों का दौरा कर उनकी आवश्यकताओं को समझेंगे और उसी के अनुरूप तकनीक विकसित करने पर काम करेंगे। खास तौर पर ऐसे छात्रों को प्रोत्साहित किया जाएगा, जो पाठ्यक्रम से अलग हटकर नवाचार और व्यवसायिक दृष्टिकोण से कुछ नया करने की क्षमता रखते हैं।
यह फंड संस्थान के पूर्व छात्र वेंकट मोक्कापति द्वारा प्रदान किया गया है, जिन्होंने 1986 बैच में इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग से बीटेक किया था। फरवरी में अपने 40वें रीयूनियन के दौरान उन्होंने यह सहयोग दिया। इसके बाद उन्हें आईआईटी बीएचयू फाउंडेशन के पायनियर क्लब में शामिल किया गया है।
फंड के माध्यम से ऐसे छात्रों की पहचान कर उन्हें आगे बढ़ाया जाएगा, जो नियमित पढ़ाई के अतिरिक्त रिसर्च में रुचि रखते हैं। इस पहल से कक्षा में पढ़ाई और उद्योगों की वास्तविक जरूरतों के बीच की दूरी कम करने का प्रयास किया जाएगा। छात्र कंपनियों की समस्याओं के आधार पर शोध करते हुए व्यावहारिक समाधान विकसित करेंगे।
संस्थान का मानना है कि इस तरह के अंतर-विषयक शोध और नवाचार से न केवल शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार होगा, बल्कि आईआईटी बीएचयू की शैक्षणिक और शोध प्रतिष्ठा भी और मजबूत होगी। छात्रों को ऐसे कौशल और सोच से लैस किया जाएगा, जिससे वे केवल सैद्धांतिक सवालों तक सीमित न रहकर वास्तविक जीवन की चुनौतियों का समाधान भी कर सकें।
दानदाताओं के योगदान के आधार पर संस्थान ने चार श्रेणियां तय की हैं—मिलेनियम ग्रुप, पायनियर ग्रुप, फाउंडेशन क्लब और ट्रेल ब्लेजर ग्रुप। इनमें अलग-अलग दान राशि निर्धारित की गई है, जिसमें ट्रेल ब्लेजर श्रेणी में सबसे अधिक दानकर्ता शामिल हैं।
