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वाराणसी

दिव्यांगता प्रमाण पत्रों में कथित त्रुटियों को संशोधित कराते हुए दिव्यांगता प्रमाण पत्र निर्धारित समय सीमा के अंतर्गत जारी किए जाए-जिलाधिकारी

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डीएम ने मेंटल डिसेबिलिटी सर्टिफिकेट सत्यापन में सुविधा शुल्क लिए जाने की शिकायत को जिलाधिकारी ने गंभीरता से लिया

प्रकरण की जांच कर तत्काल रिपोर्ट उपलब्ध कराए जाने का निर्देश दिया

शिकायत जांच में सही पाई गई, तो संबंधित के विरुद्ध कठोर कार्यवाही की जायेगी-एस. राजलिंगम

10 अगस्त को प्रातः 10 से सायं 5 बजे तक कमिश्नरी सभागार में दिव्यांगजन की समस्याओं के निस्तारण हेतु मोबाइल कोर्ट आयोजित

जिसमें दिव्यांगजन राशन, शौचालय, आवास, भूमि, बिजली, पानी विवाद प्रताड़ना आदि से संबंधित समस्याओं की सुनवाई कर मौके पर ही निस्तारण किया जाएगा

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  वाराणसी। जिलाधिकारी एस. राजलिंगम ने जिला दिव्यांग पुनर्वास केंद्र के संचालन हेतु वित्तीय वर्ष 2019-20 से धनराशि आवंटित नहीं होने व अनुदान प्राप्ति में आ रही बाधाओं को दूर किए जाने के संबंध में कार्मिकों का पिछला भुगतान कराने की कार्यवाही किए जाने हेतु जिला दिव्यांगजन सशक्तिकरण अधिकारी को निर्देशित किया। उन्होंने दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम 2016 में वर्णित 21 प्रकार की दिव्यांगता के दृष्टिगत जिला चिकित्सालय में दिव्यांग प्रमाण पत्र निर्गत किए जाने में मुख्य चिकित्सा अधिकारी को निर्देशित करते हुए कहा कि दिव्यांगता प्रमाण पत्रों में कथित त्रुटियों को संशोधित कराते हुए दिव्यांगता प्रमाण पत्र निर्धारित समय सीमा के अंतर्गत जारी किए जाएं। इसमें किसी भी प्रकार की शिथिलता नहीं होनी चाहिए।
   जिलाधिकारी एस. राजलिंगम सोमवार को विकास भवन सभागार में जिला दिव्यांगता समिति लोकल लेवल कमिटी एवं विशिष्ट दिव्यांगता पहचान प्रमाण पत्र की अनुश्रवण समिति की बैठक में समीक्षा कर रहे थे। ऑनलाइन माध्यम से दिव्यांगता प्रमाण पत्र व यूनिक डिसएबिलिटी आईडेंटिटी कार्ड बनाए जाने की धीमी गति पर नाराजगी जताई तथा इसमें तेजी लाए जाने का निर्देश दिया। एक सदस्य द्वारा मेंटल डिसेबिलिटी सर्टिफिकेट सत्यापन में सुविधा शुल्क लिए जाने की शिकायत को जिलाधिकारी ने गंभीरता से लेते हुए प्रकरण की जांच कर तत्काल रिपोर्ट उपलब्ध कराए जाने का निर्देश दिया। उन्होंने विशेष रूप से जोर देते हुए कहा कि शिकायत जांच में सही पाई गई, तो संबंधित के विरुद्ध कठोर कार्यवाही की जायेगी। राष्ट्रीय न्यास के तहत निर्दिष्ट दिव्यांगजन को वैधानिक संरक्षकत्व प्रदान किए जाने के बाबत लीगल गार्जियनशिप के ऑनलाइन वेबसाइट पर लंबित 11 आवेदन पत्रों के स्वीकृति के संबंध में उन्होंने 1 सप्ताह के अंदर सभी लंबित आवेदन पत्रों का निस्तारण अनिवार्य रूप से किए जाने का निर्देश देते हुए ऐसे आवेदन पत्रों का समयाअंतर्गत निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। चालू वित्तीय वर्ष के दिव्यांग जनों के विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान के लिए राज्य स्तरीय पुरस्कार हेतु किए गए आवेदनों की पात्रता संबंधी परीक्षण के संबंध में उन्होंने मुख्य विकास अधिकारी की अध्यक्षता में कमेटी बनाकर आवेदन पत्रों का परीक्षण कराकर शीघ्र आवश्यक कार्यवाही किए जाने हेतु निर्देशित किया।
  बताया गया कि 10 अगस्त को प्रातः 10:00 बजे से सायं 5:00 बजे तक कमिश्नरी सभागार में दिव्यांगजन की समस्याओं के निस्तारण हेतु आयुक्त दिव्यांगजन की अध्यक्षता में मोबाइल कोर्ट आयोजित किया गया है। जिसमें दिव्यांगजन राशन, शौचालय, आवास, भूमि, बिजली, पानी विवाद प्रताड़ना आदि से संबंधित समस्याओं की सुनवाई कर मौके पर ही निस्तारण किया जाएगा।
   बैठक में मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ संदीप चौधरी, जिला विकास अधिकारी, जिला दिव्यांगजन एवं सशक्तिकरण अधिकारी समिति के सदस्य गण प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।

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