चन्दौली
लेखपालों ने आंदोलन का किया ऐलान, 3 अक्टूबर से चरणबद्ध प्रदर्शन
चकिया। लेखपाल संवर्ग की लंबित मांगों को लेकर उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ ने चरणबद्ध आंदोलन की घोषणा की है। संघ का कहना है कि मांगों के समाधान के लिए लंबे समय से शासन एवं राजस्व परिषद का ध्यान आकृष्ट कराया जा रहा है, लेकिन अब तक अपेक्षित सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया है। इससे लेखपालों में असंतोष और चिंता बनी हुई है।
संघ अध्यक्ष ऋषि सिंह ने बताया कि लेखपाल सरकार की विभिन्न योजनाओं को आमजन तक पहुंचाने के साथ ही राजस्व एवं प्रशासनिक कार्यों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इसके बावजूद उनकी लंबित मांगों पर प्रभावी कार्रवाई नहीं होने से संवर्ग में नाराजगी है। संघ की प्रमुख मांगों में लेखपालों को तकनीकी पद घोषित करना तथा ग्राम सचिवालयों में आवश्यक सुविधाएं, सुरक्षा व्यवस्था और अन्य जरूरी व्यवस्थाएं उपलब्ध कराना शामिल है।
चरणबद्ध आंदोलन का कार्यक्रम
संघ के घोषित कार्यक्रम के अनुसार 3 अक्टूबर 2026 को लेखपाल संपूर्ण समाधान दिवस का बहिष्कार करेंगे और सुबह 10 बजे से दोपहर 2 बजे तक धरना देकर उपजिलाधिकारी के माध्यम से शासन को ज्ञापन भेजेंगे।
8 अक्टूबर को तहसील प्रशासनिक व्हाट्सऐप ग्रुप को छोड़कर आय, जाति, निवास प्रमाणपत्र, विरासत रिपोर्ट, फार्मर रजिस्ट्रेशन एवं सत्यापन समेत अन्य ऑनलाइन कार्यों का बहिष्कार किया जाएगा।
10 अक्टूबर को लेखपाल काली पट्टी बांधकर थाना दिवस पर कार्य करेंगे। 12 अक्टूबर को तहसील एवं जिला मुख्यालय पर रक्तदान शिविर आयोजित कर रक्तदान किया जाएगा।
14 अक्टूबर को दोपहर एक बजे जिला मुख्यालय पर मोटरसाइकिल रैली निकाली जाएगी और जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा जाएगा। इसके बाद 17 से 23 अक्टूबर तक लेखपाल कार्य बहिष्कार करते हुए तहसील मुख्यालयों पर सुबह 10 बजे से शाम 4 बजे तक धरना-प्रदर्शन करेंगे।
संघ ने घोषणा की है कि 24 अक्टूबर 2026 से मांगों के समाधान तक जिला मुख्यालय पर सुबह 10 बजे से शाम 4 बजे तक धरना-प्रदर्शन जारी रहेगा।
लेखपाल संघ ने शासन से लंबित एवं न्यायोचित मांगों पर गंभीरता से विचार करते हुए प्रभावी कार्रवाई और आवश्यक शासनादेश जारी करने की मांग की है। संघ ने कहा कि आंदोलन के दौरान आम जनता को होने वाली किसी भी असुविधा की जिम्मेदारी राजस्व परिषद एवं शासन की होगी।
