गोरखपुर
एसडीएम कोर्ट के बाहर महिलाओं को रोकने और धमकी देने का आरोप
जमीन विवाद के मुकदमे की पैरवी करने पहुंची थीं महिलाएं, पुलिस से निष्पक्ष जांच और सुरक्षा की मांग
गोरखपुर। सदर तहसील परिसर स्थित एसडीएम सदर कोर्ट के बाहर शुक्रवार को मुकदमे की पैरवी करने पहुंचीं दो महिलाओं को कथित तौर पर रोकने और अभद्रता करने का मामला सामने आया है। गंगू देवी और सरस्वती देवी ने आरोप लगाया कि जमीन संबंधी मुकदमे को छोड़ने के लिए उन पर दबाव बनाया गया और धमकी दी गई। महिलाओं ने डायल 112 पर सूचना देने के साथ कैंट थाने में प्रार्थना पत्र देने की बात कही है।
महिलाओं ने प्रेसवार्ता में बताया कि सदर तहसील के एसडीएम कोर्ट में गंगू देवी बनाम ओमप्रकाश और पूर्णमासी बनाम दिलीप से संबंधित मुकदमों में तारीख लगी थी। आरोप है कि वे पैरवी के लिए पहुंचीं तो अखिलेश यादव अपने चार-पांच साथियों के साथ कोर्ट के बाहर पहुंचा और उन्हें अंदर जाने से रोकने का प्रयास किया।
महिलाओं का आरोप है कि मुकदमा छोड़ने का दबाव बनाने के साथ अंजाम भुगतने की धमकी दी गई। उन्होंने घटना का वीडियो होने का दावा करते हुए पुलिस से उसकी जांच कराने और सुरक्षा उपलब्ध कराने की मांग की।
कैंट थाना प्रभारी ने कहा कि महिलाओं के थाने आने की जानकारी उन्हें नहीं है और वास्तविक स्थिति जांच के बाद स्पष्ट होगी। वहीं अखिलेश यादव ने आरोपों से इनकार करते हुए कहा कि वह महिलाओं को जानते तक नहीं हैं और हाथापाई का सवाल ही नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि नीतीश तिवारी ने केस हारने के डर से महिलाओं को उनके खिलाफ भेजा होगा। एसडीएम कोर्ट कर्मचारियों के अनुसार घटना के समय अंदर कार्यवाही चल रही थी और बाहर से हल्ले की आवाज सुनाई दे रही थी।
