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गाजीपुर

मलिकनगांव में मनाया गया जश्ने ईद मिलादुन्नबी

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पैगंबर हजरत मोहम्मद (सल्ल.) की शिक्षाओं और अख्लाक को जीवन में अपनाने की दी गई नसीहत

बहरियाबाद, गाजीपुर। अंजुमन तवक्कल शाह बिरादरी मोहल्ला, मलिकनगांव के तत्वावधान में जलसा जश्ने ईद मिलादुन्नबी धूमधाम से मनाया गया। जलसे की जेरे कियादत मौलाना अंसारुलहक, निजामत मौलाना शमीम रजा मिस्बाही और जेरे सदारत अजमल रजा मिस्बाही ने की। शहंशाह-ए-तरन्नुम कारी अनवर अमजदी घोसी की मौजूदगी में कार्यक्रम हुआ।

नातिया कलाम से गूंजा जलसा

नाअत-ख्वानी के दौरान कारी अनवार हसन अहमद, सलील, बुलबुले बाग-ए-मदीना समीर रजा इलाहाबादी और समीर रजा सलील ने पैगंबर साहब की शान में नातिया कलाम पेश किया। नातिया कलाम सुनकर मौजूद लोगों ने नारे लगाकर खुशी का इजहार किया।

पैगंबर साहब के जीवन और शिक्षाओं पर रोशनी

मौलाना हजरत अल्लामा एवं मौलाना अफजल चतुर्वेदी अदरी, मऊ ने अपनी तकरीर में पैगंबर हजरत मोहम्मद (सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम) के जीवन, उनकी शिक्षाओं और उनके अख्लाक पर विस्तार से रोशनी डाली। उन्होंने कहा कि अल्लाह ने हजरत मोहम्मद (सल्ल.) को तमाम इंसानों और कायनात के लिए ‘रहमतुल लिल आलमीन’ बनाकर भेजा। उनके आने से दुनिया से अंधेरा, जुल्म और अज्ञानता दूर हुई।

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सादगी, ईमानदारी और भाईचारे का दिया संदेश

तकरीर में पैगंबर साहब की सादगी, ईमानदारी, अमीन और सादिक होने, नम्रता तथा दुश्मनों को भी माफ कर देने की आदत पर जोर दिया गया। लोगों को अपने दैनिक जीवन में भी उनके अख्लाक को अपनाने की नसीहत दी गई। कहा गया कि इस्लाम दूसरों की मदद करने, गरीबों और यतीमों का ख्याल रखने तथा समाज में शांति और आपसी भाईचारा बनाए रखने की शिक्षा देता है।

महिलाओं, बच्चों और पड़ोसियों के अधिकारों पर चर्चा

पैगंबर साहब द्वारा कायम किए गए अधिकारों पर भी रोशनी डाली गई। महिलाओं को सम्मान देने, बच्चों से मोहब्बत करने और पड़ोसियों का ख्याल रखने की सीख का उल्लेख किया गया। बताया गया कि पड़ोसी चाहे किसी भी मजहब का हो, उसके साथ अच्छे व्यवहार और भाईचारे का संदेश पैगंबर साहब की शिक्षाओं में मिलता है।

सुन्नत पर चलने का लिया संकल्प

जलसे का मुख्य उद्देश्य केवल पैगंबर साहब का जिक्र करना नहीं, बल्कि उनकी दिखाई राह और सुन्नत पर चलने का संकल्प लेना बताया गया। इस दौरान नमाज की पाबंदी, सच बोलने और हलाल कमाई करने की ताकीद की गई। जलसे की जेरेपरस्ती मुंतज़िर इमाम एडवोकेट ने की।

अमन-शांति और मुल्क की तरक्की के लिए हुई दुआ

जलसे का समापन पूरी दुनिया में अमन-शांति और मुल्क की तरक्की के लिए दुआ तथा दुरूद-ओ-सलामी के साथ हुआ। कार्यक्रम में अब्दुल वाजिद अंसारी, सलीम, शफाऊद्दीन, नसीम सिद्दीकी, डा. निसार अहमद अंसारी, वर्तमान ग्राम प्रधान प्रतिनिधि अब्दुल खालिक उर्फ गुड्डू, अनवर हसन, नजीर अहमद, कमर अंसारी, सैयद शमीमुल वरा, नजीर शाह, वजीर शाह, रमजान शाह, कलामुद्दीन, अशरफ शाह, जिलानी शाह, दानिश शाह समेत क्षेत्र के तमाम लोग मौजूद रहे।

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