गाजीपुर
बाढ़ प्रभावित गांवों में गर्भवती महिलाओं की बनेगी अलग सूची
जमानिया पीएचसी में बीडब्ल्यूआर समीक्षा बैठक, अवैध क्लीनिकों और पैथोलॉजी सेंटरों का ब्योरा जुटाने के निर्देश
जमानिया। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र जमानियां में सोमवार को प्रभारी चिकित्सा अधिकारी डॉ. रुद्रकांत सिंह की अध्यक्षता में बीडब्ल्यूआर (बर्थ वीकली रिपोर्ट) की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में स्वास्थ्य सेवाओं की प्रगति, लाभार्थियों के पोर्टल पंजीकरण, नियमित टीकाकरण, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य तथा बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में चिकित्सीय तैयारियों की समीक्षा की गई।

प्रभारी चिकित्सा अधिकारी ने एएनएम से 10 प्रमुख बिंदुओं पर कार्य प्रगति और रिपोर्ट की जानकारी ली। उन्होंने निर्देश दिया कि जिन लाभार्थियों का डेटा अभी तक विभागीय पोर्टल पर दर्ज नहीं हुआ है, उसे तत्काल अपडेट किया जाए। साथ ही गर्भवती महिलाओं का प्रथम त्रैमास में शत-प्रतिशत एएनसी पंजीकरण सुनिश्चित कराने पर जोर दिया।
वर्तमान में बाढ़ की स्थिति को देखते हुए डॉ. रुद्रकांत सिंह ने एएनएम को विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अपने-अपने कार्यक्षेत्र के बाढ़ प्रभावित गांवों में रह रही गर्भवती महिलाओं की अलग सूची तैयार की जाए। इन महिलाओं की नियमित निगरानी, समय पर स्वास्थ्य परामर्श और वितरित दवाओं का पूरा ब्योरा भी रखा जाए।
इसके अलावा प्रत्येक एएनएम को अपने क्षेत्र में संचालित निजी व अवैध अस्पतालों, क्लीनिकों और पैथोलॉजी सेंटरों की सूची उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए। बैठक में नियमित टीकाकरण कार्यक्रम के तहत सितंबर माह तक टीटी, बीसीजी और एमआर टीकाकरण के निर्धारित लक्ष्यों की प्रगति की भी जांच की गई।

आयुष्मान भारत योजना के लाभार्थियों के आशा-वार सत्यापन की स्थिति की समीक्षा करते हुए पात्र लाभार्थियों की सूची अपडेट करने को कहा गया। प्रभारी चिकित्सा अधिकारी ने कहा कि केवल कुपोषित बच्चों की पहचान करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि उनके स्वास्थ्य की नियमित निगरानी और फॉलोअप भी सुनिश्चित किया जाना चाहिए।
बैठक में एआरओ योगेंद्र सिंह यादव, बीपीएम एखलाख अहमद, बीसीपीएम किरण सिंह, सीमा, रीमा, सावित्री, शालिनी, सुधा और राघवेंद्र शेखर सिंह सहित कई स्वास्थ्य कर्मी उपस्थित रहे।
