गाजीपुर
छात्राओं में उद्यमिता की भावना विकसित करने को कार्यशाला
व्यवसाय योजना के जरिए नवाचार, समस्या समाधान और आत्मनिर्भरता पर दिया जोर
गाजीपुर, 7 सितंबर। राजकीय महिला स्नातकोत्तर महाविद्यालय, गाजीपुर एवं अविष्कार फाउंडेशन के संयुक्त तत्वावधान में छात्राओं में उद्यमिता और नवाचार की भावना विकसित करने के उद्देश्य से सोमवार को व्यवसाय योजना पर कार्यशाला आयोजित की गई। इसमें करीब 100 छात्राओं ने सक्रिय सहभागिता की।
कार्यशाला का उद्देश्य छात्राओं में रचनात्मक सोच, समस्या समाधान की क्षमता, नवाचार और उद्यमशीलता के प्रति रुचि विकसित करना रहा, ताकि वे भविष्य में आत्मनिर्भर बनने के साथ रोजगार सृजक की भूमिका भी निभा सकें।
कार्यशाला को संबोधित करते हुए महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. शंभु शरण प्रसाद ने कहा कि वर्तमान समय में विद्यार्थियों को केवल रोजगार प्राप्त करने वाला नहीं, बल्कि रोजगार सृजक बनने के लिए आवश्यक कौशलों से सुसज्जित किया जाना चाहिए। उन्होंने उद्यमिता विकास को आज की आवश्यकता बताते हुए छात्राओं को समाज में मौजूद समस्याओं की पहचान कर उनके समाधान के लिए नवाचारी दृष्टिकोण अपनाने के लिए प्रेरित किया।
कार्यशाला में बताया गया कि आसपास की समस्याओं को पहचानना उद्यमिता की पहली सीढ़ी है। किसी समस्या के समाधान के लिए नवीन विचार के साथ वित्तीय संसाधन, विपणन, लागत विश्लेषण, ग्राहक एवं बाजार की पहचान और भविष्य की संभावनाओं का आकलन जरूरी है।
व्यवसाय योजना के प्रमुख चरणों में समस्या की पहचान, नवीन समाधान, व्यवसाय का नामकरण, संसाधन नियोजन, विपणन एवं बिक्री, ग्राहक व बाजार की पहचान, विशिष्ट उत्पाद या सेवा का डिजाइन, वित्तीय नियोजन तथा भविष्य में विकास की संभावनाओं पर विस्तार से चर्चा की गई।
महाविद्यालय की इंस्टीट्यूशन इनोवेशन काउंसिल के समन्वयक डॉ. पीयूष सिंह के नेतृत्व में कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस अवसर पर डॉ. शिव कुमार, डॉ. हरेंद्र यादव, डॉ. एखलाक अहमद, डॉ. राजेश कुमार यादव, डॉ. रामनाथ केसरवानी, डॉ. गजनफर सईद सहित अन्य शिक्षक मौजूद रहे।
