चन्दौली
चकिया के दो खिलाड़ियों ने हासिल किया ब्लैक बेल्ट, क्षेत्र में खुशी
स्टेट कराटे चैंपियनशिप-2026 में प्रकाश चंद्र अरुण और मयंक गुप्ता को मिली बड़ी उपलब्धि
चकिया, चंदौली। चकिया तहसील क्षेत्र के दो होनहार कराटे खिलाड़ियों ने कड़ी मेहनत, अनुशासन और निरंतर अभ्यास के दम पर ब्लैक बेल्ट हासिल कर क्षेत्र का नाम रोशन किया है। दोनों खिलाड़ियों की इस उपलब्धि से उनके परिवार, प्रशिक्षकों और क्षेत्र के लोगों में खुशी का माहौल है।
वाराणसी में आयोजित हुई स्टेट कराटे चैंपियनशिप
वाराणसी स्थित राजश्री पैलेस में स्टेट कराटे चैंपियनशिप-2026 का आयोजन किया गया। प्रतियोगिता में चंदौली, सोनभद्र, मिर्जापुर, वाराणसी, जौनपुर और भदोही समेत करीब 15 जिलों के खिलाड़ियों ने प्रतिभाग किया। प्रतियोगिता में खिलाड़ियों ने अपनी प्रतिभा और तकनीकी कौशल का प्रदर्शन किया।
दोनों खिलाड़ियों को मिला ब्लैक बेल्ट और प्रमाणपत्र
कार्यक्रम के दौरान मूसाखांड निवासी छब्बन प्रसाद के पुत्र प्रकाश चंद्र अरुण और निर्भयदास निवासी कोच नीरज गुप्ता के पुत्र मयंक गुप्ता को उनकी मेहनत, अनुशासन और निरंतर अभ्यास के लिए ब्लैक बेल्ट एवं प्रमाणपत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया।
इस अवसर पर मुख्य अतिथि एवं SKIA के फाउंडर व चीफ इंस्ट्रक्टर इंडिया शिहान विनोद वर्मा, SKIA India के प्रेसिडेंट शिहान मसूद मुजफ्फर, शिहान कुलदीप, बसंत उपाध्याय, विनोद पटेल तथा कोच नीरज गुप्ता सहित अन्य लोग मौजूद रहे।
नियमित अभ्यास और अनुशासन से मिली सफलता
कोच नीरज गुप्ता ने दोनों खिलाड़ियों की उपलब्धि पर खुशी जताते हुए कहा कि कराटे में सफलता प्राप्त करने के लिए नियमित अभ्यास, अनुशासन और निरंतर मेहनत बेहद जरूरी है। उन्होंने बताया कि दोनों खिलाड़ियों ने लंबे समय तक प्रशिक्षण लेकर कड़ी मेहनत की, जिसके परिणामस्वरूप आज उन्हें ब्लैक बेल्ट जैसी महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल हुई है।
खिलाड़ियों ने माता-पिता और कोच को दिया सफलता का श्रेय
प्रकाश चंद्र अरुण ने कहा कि कई वर्षों की मेहनत और लगातार अभ्यास के बाद उन्हें यह सफलता मिली है। वहीं मयंक गुप्ता ने बताया कि प्रतिदिन नियमित प्रशिक्षण और अनुशासन के साथ अभ्यास करने से वह यह मुकाम हासिल कर सके।
दोनों खिलाड़ियों ने अपनी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता और कोच नीरज गुप्ता को दिया। उन्होंने कहा कि परिवार के सहयोग और प्रशिक्षक के मार्गदर्शन के बिना यह उपलब्धि हासिल करना संभव नहीं था।
